भारत के फैसलों से पाकिस्तान को होगा भारी नुकसान

26-Apr-2025 12:48 PM

नई दिल्ली। कश्मीर के पहलगांव में हुई आतंकवादी घटना के बाद भारत सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों से पाकिस्तान को जबरदस्त नुकसान होने की संभावना है।

भारत ने सिंधु नदी जल समझौते को स्थगित कर दिया है, सभी पाकिस्तानियों को भारत छोड़ने के लिए कहा है। बाघा-अटारी बॉर्डर को बंद कर दिया है और पाकिस्तानी उच्चायोग में कार्यकारियों की संख्या घटा दी है। आगे और कार्रवाई होने की संभावना है। 

अकेल सिंधु नदी जल समझौता के स्थगित होने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को गहरा आघात लग सकता है। भारत और पाकिस्तान के बीच 65 साल पहले सिंधु एवं इसकी पांच प्रमुख सहायक नदियों- सतलुज, झेलम, चिनाब, राबी एवं व्यास के जल बंटवारे को लेकर एक समझौता हुआ था।

इसमें से तीन पूर्वी नदियों के पानी का उपयोग भारत करता है जो कुल उपलब्ध जल का 30 प्रतिशत है जबकि शेष पानी का इस्तेमाल पाकिस्तान में होता है।

यदि इस पानी का प्रवाह रुक गया तो पाकिस्तान में हाहाकार मच सकता है। सिंधु और उसकी सहायक नदियों को पाकिस्तान में कृषि क्षेत्र का लाइफ लाइन माना जाता है। पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त की आर्थिक समृद्धि में इन नदियों के पानी का महत्वपूर्ण योगदान रहता है।

ध्यान देने की बात है कि इससे पूर्व भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ष 1965, 1971 एवं 1999 में तीन बार युद्ध हो चुका है लेकिन फिर भी सिंधु जल समझौता को कभी स्थगित नहीं किया गया।

इसके अलावा तमाम आतंकी घटनाओं के बावजूद इस समझौते को बरकरार रखा गया। लेकिन इस बार भारत सरकार ने कड़ा रूख अपनाते हुए यह अप्रत्याशित निर्णय लिया है।

दरअसल भारत सरकार ने तत्काल पाकिस्तान के साथ रिश्ता खत्म करने की घोषणा करके स्पष्ट कर दिया है कि इस बार उसे चौतरफा सबक सिखाया जाएगा।

इस पाकिस्तान को अमरीका सहित दुनिया के अधिकांश देशों से कोई सहयोग-समर्थन नहीं मिल पाएगा इसलिए सिंधु जल समझौते को जारी रखने हेतु वह भारत पर वैश्विक दबाव डलवाने में असफल रहेगा। सिंधु और उसकी सहायक नदियों का पानी मिलना बंद होने पर पाकिस्तान में  भुखमरी का खतरा बढ़ सकता है।