भारत की मांग के अनुरूप पीली मटर के वैश्विक बाजार भाव में उतार-चढ़ाव संभव
30-Aug-2024 05:56 PM
दुबई । पीली मटर की कीमतों में हाल में हुआ परिवर्तन इस सच्चाई का सबूत है कि दलहन के मामले में भारत अक्सर वैश्विक बाजार पर गहरा असर डालता है और भारतीय मांग के आधार पर ही दलहनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव का संयोग बनता है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मई 2024 के पांच महीनों में भारत में लगभग 18.50 लाख टन पीली मटर का विशाल आयात हुआ।
इसके बाद आयात की गति धीमी पड़ गई और तद्नुरूप निर्यातक देशों में भी भाव घटकर नीचे आ गया। कनाडाई पीली मटर के दाम में गिरावट स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो गई। मई के औसत मूल्य के मुकाबले अगस्त में इसका दाम लगभग 100 द्वारा प्रति टन नीचे रहा।
उधर चीन में चालू वर्ष के दौरान पीली मटर के आयात की रफ्तार तेज नहीं रही जबकि पिछले साल इसकी खरीद में उसके आयातकों ने काफी दिलचस्पी दिखाई थी।
इसका कारण यह है कि वहां पूर्व में आयातित माल का अच्छा खासा स्टॉक बरकरार था। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार चालू वर्ष के दौरान चीन में पीली मटर के आयात में काफी गिरावट आ सकती है।
इसी तरह रूसी पीली मटर की कीमतों में भी धीरे-धीरे नरमी का माहौल बनता जा रहा है क्योंकि भारत की जोरदार खरीद की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद वैश्विक बाजार अब सामान्य स्थिति में आने लगा है।
भारत सरकार ने दिसम्बर 2023 में पीली मटर के आयात को पूरी तरह शुल्क मुक्त कर दिया था। इसके शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा 31 अक्टूबर 2024 तक नियत है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसकी अवधि 31 अक्टूबर से आगे बढ़ेगी या नहीं - और इसलिए वैश्विक बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
कनाडा एवं रूस सहित अन्य प्रमुख उत्पादक तथा निर्यातक देशों में मटर का नया माल मंडियों में आने लगा है। यदि भारत की मांग कमजोर रही अथवा अक्टूबर के बाद यहां आयात बंद हो गया तो निर्यातक देशों की कठिनाई काफी बढ़ जाएगी। 2024-25 के सीजन में मटर का उत्पादन इसकी वैश्विक मांग से अधिक होने की संभावना है।
