भारत में आयात शुल्क लगने से कनाडाई मटर का कारोबार प्रभावित

13-Nov-2025 01:50 PM

रेगिना। भारत सरकार द्वारा 1 नवम्बर 2025 से पीली मटर पर 30 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाए जाने से कनाडा में इसका कारोबार प्रभावित होने लगा है। इससे उत्पादकों की चिंता बढ़ती जा रही है।

इस वर्ष कनाडा में मटर का उत्पादन अधिक हुआ है मगर इसकी वैश्विक मांग कमजोर देखी जा रही है। चीन का विशाल बाजार कनाडाई मटर के लिए लगभग बंद हो चुका है और अब भारत में भी इसका आयात धीमी गति से होने की संभावना है। उधर वैश्विक निर्यात बाजार में कनाडा को रूस एवं यूक्रेन की सख्त प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। 

काला सागर क्षेत्र के देशों में इस बार मटर का शानदार उत्पादन हुआ है और वहां दाम भी अपेक्षाकृत नीचे चल रहा है। इससे कनाडा की चुनौती बढ़ गई है।

हालांकि चीन में मटर का स्टॉक घट गया है मगर वह कनाडाई मटर के आयात पर लगे 100 प्रतिशत के सीमा शुल्क को घटाने का कोई संकेत नहीं दे रहा है।

इससे कनाडा के उत्पादक एवं निर्यातक असमंजस में हैं। चीन में रूसी मटर का आयात तेजी से बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। 

पश्चिमी कनाडा की मंडियों में फिलहाल पीली मटर का एफओबी फार्म मूल्य 7 डॉलर प्रति बुशेल, हरी मटर का 10.00-10.25 डॉलर एवं मापले मटर का 9.00-10.50 डॉलर प्रति बुशेल बताया जा रहा है।

कुछ खास किस्मों की मटर का दाम अपेक्षाकृत ऊंचा है क्योंकि उसमें किसी रसायन का उपयोग नहीं किया जाता है जबकि उसकी क्वालिटी सामान्य मटर से काफी अच्छी होती है।

इधर भारत में मटर की बिजाई पहले ही आरंभ हो चुकी है और इसका क्षेत्रफल गत वर्ष से आगे चल रहा है। उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के सीमावर्ती बुंदेलखंड संभाग में किसान इस बार मटर की खेती में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। भारत में पूर्व में आयातित मटर का स्टॉक अभी मौजदू है जबकि 1 नवम्बर से पहले हुए सौदों का माल भी पहुंच रहा है।