भारत में चीनी उत्पादन पर असर: 2024-25 सीजन का अनुमान

27-Jan-2025 10:48 AM

भारत में चीनी उत्पादन पर असर: 2024-25 सीजन का अनुमान  
★ नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज़ ने 2024-25 के चीनी उत्पादन का अनुमान 270 लाख टन (lt) लगाया है, जो 2023-24 के 319 लाख टन की तुलना में कम है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख राज्यों में उत्पादन गिरावट देखी गई है।  
- उत्तर प्रदेश: 103.65 lt से घटकर 93 lt  
- महाराष्ट्र: 110.20 lt से घटकर 86 lt  
- कर्नाटक: 53 lt से घटकर 41 lt  
★ यह अनुमान पिछले महीने के 280 लाख टन से भी कम है, जिसमें यूपी का 98 lt, महाराष्ट्र का 87 lt और कर्नाटक का 45 lt था।  

उत्पादन में गिरावट के कारण  
1. सूखा और अधिक बारिश: महाराष्ट्र और कर्नाटक में 2023 में पड़े सूखे का असर गन्ने की उपलब्धता पर पड़ा है। इसके अलावा, अक्टूबर में अधिक बारिश के कारण गन्ने में समय से पहले फूल आ गए।  
  - गन्ने में सुक्रोज (चीनी) का संचय उसके बढ़ने और पकने के दौरान होता है। फूल आने की स्थिति में गन्ने की वृद्धि रुक जाती है और उसका वजन व सुक्रोज की मात्रा कम हो जाती है।  
2. बीमारियां और कीट:  
  - उत्तर प्रदेश: गन्ने की फसल को रेड रॉट (फंगल बीमारी) और टॉप शूट बोरर (कीट) का प्रकोप झेलना पड़ा।  

★ चीनी की मांग और आपूर्ति स्थिति  
- ओपनिंग स्टॉक: 80.23 lt  
- उत्पादन: 270 lt  
- घरेलू खपत: 295 lt  
- निर्यात: 10 lt  

★ इस सीजन के अंत तक लगभग 45 लाख टन चीनी स्टॉक बचने का अनुमान है, जो घरेलू खपत के 1.8 महीने के बराबर है। हालांकि, 2024 की अतिरिक्त बारिश के कारण 2025-26 में बंपर उत्पादन की उम्मीद है, जिससे आपूर्ति संतुलन बना रहेगा।  
★ यह स्थिति चीनी उद्योग और घरेलू बाजार दोनों पर असर डाल सकती है।