भारत में एथनोल उत्पादन व उसका बाजारों पर असर
06-Sep-2025 09:40 AM
भारत में एथनोल उत्पादन व उसका बाजारों पर असर
★ 2019-20 में भारत में 173 लाख करोड़ लीटर एथोल उत्पादन हुआ था तब ब्लेंडिंग 5% थी, 2020-21 में ब्लेंडिंग 8.5%, 2021-22 में 10%, 2022-23 में 12%, 2023-24 में 15%, 2024-25 व 2025-26 20% पहुंची।
★ 2025-26 में कुल एथनोल उत्पादन 1016 करोड़ लीटर पहुंचा जिसमें अनाज से 466 करोड़ लीटर व चीनी से 550 करोड़ लीटर बनाया गया।
★ 2022-23 में अनाज से 438 व चीनी से 550 करोड़ लीटर यानी कुल 988 करोड़ लीटर तथा 2023-24 में कुल 698 करोड़ लीटर एथनोल बना।
★ शुरुआती दौर में एथनोल उत्पाद शीरे से किया गया बाद में अनाजों से उत्पादन की मंजूरी दी गयी।
★ चीनी की स्थिति को देख गत वर्ष चीनी से एथनोल का उत्पादन रोका गया परन्तु यह खोला जा चुका है।
★ अब केवल मक्का ही नहीं चीनी, चावल और अनाज द्वारा एथनोल उत्पादन किया जा रहा है।
★ जुलाई में 142 लाख टन मक्का का इस्तमाल होना था जो केवल 81 लाख टन हो पाया।
★ 50 लाख टन चीनी का इस्तमाल एथनोल में होगा। इसके अलावा 52 लाख टन चावल भी एथनोल के लिए आवंटित किया गया।
★ कुल मिलाकर एथनोल बनाने के लिए मक्का की जो डिमांड पहले आ रही थी उसमें गिरावट आ सकती है।
★ इस वर्ष मक्का का अच्छा उत्पादन पहुंच सकता है।
★ एथनोल का असर चावल पर पड़ने की सम्भावना कम क्योंकि यह चावल एफसीआई द्वारा दिया जा रहा है।
★ अगर चीनी का इस्तमाल एथनोल में बढ़ा तो बकाया स्टॉक कम रह सकता है। जिसका असर चीनी की कीमतों पर पड़ेगा।
