भारत में सीमा शुल्क की अनिश्चित्त स्थिति से कनाडा में मटर का बाजार शांत
24-Jan-2025 05:13 PM
वैंकुवर । पश्चिमी कनाडा की मंडियों में मटर का सीमित कारोबार हो रहा है और इसलिए कीमतों में कोई विशेष तेजी-मंदी नहीं देखी जा रही है। दरअसल सबका ध्यान भारत में सीमा शुल्क पर केन्द्रित है।
भारत सरकार ने पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा को 28 फरवरी 2025 तक बढ़ा दिया है जिसकी मियाद पूरी होने में एक माह की देर है। भारत कनाडाई पीली मटर का प्रमुख खरीदार है।
यदि शीघ्र ही यहां शुल्क मुक्त आयात की अवधि में बढ़ोत्तरी की घोषणा नहीं हुई तो भारतीय आयातकों की सक्रियता समाप्त हो सकती है।
वैसे भी कनाडा के मटर निर्यातकों को भारत और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में रूस की कठिन प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
यदि भारत का बाजार बंद हुआ तो कनाडा को तगड़ा झटका लग सकता है क्योंकि वहां मटर का अच्छा खासा स्टॉक अभी मौजूद है।
भारत में मटर का भाव नीचे आने लगा है, कनाडा तथा रूस से पूर्व में आयात होने वाले माल का विशाल स्टॉक मौजूद है और ऑस्ट्रेलिया से देसी चना का भारी आयात भी हो रहा है।
इतना ही नहीं बल्कि अगले कुछ सप्ताहों के दौरान चना, मसूर एवं मटर की नई घरेलू फसल भी तैयार होकर मंडियों में आने लगेगी। देसी चना का शुल्क मुक्त आयात 31 मार्च 2025 तक हो सकता है।
इसे देखते हुए लगता है कि पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति आगे रोकी जा सकती है। लेकिन तुवर आयात की नीति को देखते हुए अभी निश्चित रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।
पश्चिमी कनाडा की मंडियों में फिलहाल पीली मटर का भाव 11 डॉलर प्रति बुशेल पर स्थिर बना हुआ है जबकि आगामी नई फसल की खरीद-बिक्री के अग्रिम अनुबंध के तहत इसका दाम 10 डॉलर प्रति बुशेल के आसपास बताया जा रहा है।
हरी मटर का मूल्य भी 17 डॉलर प्रति बुशेल के पुराने स्तर पर बरकरार है। कनाडा में मटर की बिजाई अप्रैल में शुरू होगी जबकि नई फसल अगस्त-सितम्बर से आने लगेगी। बिजाई क्षेत्र में ज्यादा परिवर्तन होने के आसार नहीं हैं।
