भारत और बांग्ला देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में खाद्य उत्पादों एवं सोने की तस्करी जारी

09-Dec-2024 06:23 PM

कोलकाता । बांग्ला देश में खाद्यान्न, चीनी और प्याज आदि की किल्लत बढ़ने से कीमतों में उछाल आ गया है जिससे वहां भारत से इसकी तस्करी (स्मगलिंग) बढ़ गई है।

उधर बांग्ला देश में सोना तथा ड्रग्स चोरी-छुपे भारत में मंगाया जा रहा है। हालांकि दोनों देशों के गार्ड सीमावर्ती चेक पोस्ट पर सभी वाहनों एवं संदिग्ध यात्रियों की गहन तलाशी ले रहे हैं फिर भी वस्तु-विनिमय के रूप में स्मगलिंग का धंधा जारी है। इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।  

शिलांग स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी का कहना है कि अगस्त में कुछ ऐसे तस्करों को गिरफ्तार किया गया जो अपने वाहनों में रेत की सतह के नीचे चीनी लेकर बांग्ला देश की ओर जा रहे थे।

लेकिन जानकारों का कहना है कि बीएसएफ के तमाम प्रयासों के बावजूद तस्करी की घटनाएं थम नहीं रही है और स्मगलर नए-नए तरीकों से माल को इधर से उधर और उधर से इधर कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत से चीनी के व्यापारिक निर्यात पर जून 2023 से ही प्रतिबंध लगा हुआ है। प्याज के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगता और घटता रहा है।

इसी तरह गेहूं का निर्यात मई 2022 से ही प्रतिबंधित है। सफेद गैर बासमती चावल का निर्यात भी दो माह पहले ही हटाया गया है। बांग्ला देश को इन सभी उत्पादों की जरूरत है मगर भारत ने अपनी सीमा चौकी बंद कर दी है जिससे वैधानिक रूप से इसका निर्यात ठप्प पड़ गया है और तस्करों की सक्रियता बढ़ गई है।

बंगला देश के रास्ते सोने की तस्करी होने से भारतीय बाजार में स्वर्ण कारोबार पर असर पड़ने लगा है। कई क्षेत्रों में सोना आधिकारिक मूल्य से कम दाम पर उपलब्ध हो रहा है।

इससे स्मगलरों की गुप्त सम्पत्ति में इजाफा हो रहा है और निर्यात पर अंकुश लगाकर खाद्य महंगाई को नियंत्रित करने के सरकारी प्रयासों को धक्का लग रहा है।

उधर बांग्ला देश की सरकार स्वदेशी उत्पादन बढ़ाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए आयात पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर रही है मगर तस्करी के जरिए वहां भारी मात्रा में कृषि उत्पादों के पहुंचने से बाजार भाव नीचे आने लगा है।