बेहतर खरीद से केन्द्रीय पूल में बढ़ा गेहूं का स्टॉक

06-Jun-2025 01:35 PM

नई दिल्ली। चालू वर्ष के दौरान केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की सरकारी खरीद 300 लाख टन के करीब पहुंच गई जो 332.70 लाख टन के निर्धारित लक्ष्य से कम मगर 2021 के बाद सबसे ज्यादा रही। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 के रबी मार्केटिंग सीजन में सरकार द्वारा 433.44 लाख टन रिकॉर्ड गेहूं खरीदा गया था मगर इसके बाद 2022 में सिर्फ 188 लाख टन, 2023 में 262 लाख टन तथा 2024 में 266 लाख टन ही गेहूं खरीदा जा सका। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 के रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान सरकारी एजेंसियों को अब तक कुल 299.20 लाख टन गेहूं खरीद में सफलता हासिल हो चुकी है और अब खरीद की प्रक्रिया लगभग समाप्त हो गई है। सिर्फ उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान के कुछ क्रय केन्द्रों पर थोड़ी बहुत मात्रा में गेहूं की कभी-कभार आवक हो रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं में आपूर्ति तथा बाजार हस्तक्षेप योजना को संचालित करने के लिए सरकार के पास गेहूं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और इसके बाजार भाव में तेजी को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपाय भी किए जा रहे हैं। 

राजस्थान के एक व्यापारी का कहना है कि यद्यपि मंडियों में गेहूं की अब सीमित आवक हो रही है मगर यह ज्यादा चिंता की बात नहीं है क्योंकि फ्लोर मिलर्स एवं व्यापारियों के साथ-साथ सरकारी एजेंसियों के पास भी इसका अच्छा खासा स्टॉक उपलब्ध है। चालू वर्ष के दौरान अब तक किसानों से गेहूं की जो सरकारी खरीद हुई है वह पिछले साल की समान अवधि से 13 प्रतिशत ज्यादा है। इस वर्ष प्रमुख  उत्पादक राज्यों में अब तक कुल 404.20 लाख टन गेहूं की आवक होने की सूचना है। 

इस बार केन्द्रीय पूल के लिए पंजाब में 119.30 लाख टन, मध्य प्रदेश में 77.70 लाख टन, हरियाणा में 71.40 लाख टन तथा राजस्थान में 20.20 लाख टन गेहूं खरीदा गया। लेकिन देश के सबसे बड़े उत्पादक राज्य- उत्तर प्रदेश में केवल 10.20 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद संभव हो पाई जो 30 लाख टन के निर्धारित लक्ष्य का सिर्फ एक-तिहाई भाग है।