बेहतर निर्यात प्रदर्शन से छोटी इलायची का भाव मजबूत रहने के आसार
21-Feb-2026 12:40 PM
मुम्बई। चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान छोटी (हरी) इलायची का भाव आमतौर पर ऊंचा एवं तेज रहने का अनुमान लगाया जा रहा है जोकि उत्पादन में कुछ सुधार आने के बावजूद इसका निर्यात प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है। सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- ग्वाटेमाला में इलायची के उत्पादन में करीब 45-50 प्रतिशत की जोरदार गिरावट आने से इसका निर्यात योग्य स्टॉक सीमित रहेगा और इसलिए भारत को अपना इलायची का निर्यात बढ़ाने का अच्छा अवसर मिल जाएगा। समझा जाता है कि तेल के ऊंचे अंश एवं 7-8 मि०मी० आचार वाले दाने की इलायची में आयातकों की दिलचस्पी अधिक रहेगी।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार छोटी इलायची के वैश्विक निर्यात बाजार में अगले कुछ महीनों तक गतिशीलता या चहल-पहल बरकरार रहने की संभावना है। मुस्लिम बहुल देशों में रमजान की मांग शीर्ष पर पहुंचने लगी है। रमजान का महीना आरंभ हो चुका है। इडुक्की के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में इलायची का औसत मूल्य 2450 रुपए प्रति किलो के ऊंचे स्तर पर बरकरार है।
छोटी इलायची के नई फसल की तुड़ाई-तैयारी का सीजन धीरे-धीरे अंतिम चरण में पहुंचता जा रहा है। वैसे मार्च / अप्रैल तक इसकी थोड़ी-बहुत तुड़ाई हो सकती है। 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अगस्त-जुलाई) के दौरान इलायची का घरेलू उत्पादन बढ़कर 32 से 35 हजार टन के बीच पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है क्योंकि इस बार मौसम काफी हद तक अनुकूल रहा और उत्पादकों द्वारा अपनी फसल की अच्छी देखभाल भी की गई। बेहतर उत्पादन से भारत में इलायची का अच्छा स्टॉक मौजूद है।
घरेलू प्रभाग में भी छोटी इलायची में होली एवं रमजान की मांग निकलने लगी है इसलिए निकट भविष्य में इसकी कीमतों में मजबूती का माहौल बरकरार रहने की उम्मीद है। उत्पादक मंडियों में निर्यातक अच्छी क्वालिटी के माल की तलाश कर रहे हैं जबकि उत्पादक अपने स्टॉक को बेचने में जल्दबाजी नहीं दिखा रहे हैं।
