बेहतर उत्पादन की उम्मीद एवं बढ़ते आयात से चना के दाम पर दबाव पड़ने की संभावना

29-Jan-2025 10:56 AM

अकोला । कर्नाटक तथा महाराष्ट्र की कुछ मंडियों में नए चने की छिटपुट आवक शुरू हो गई है जबकि आगामी समय में इसकी आपूर्ति की रफ्तार नियमित रूप से बढ़ते जाने की संभावना है।

उधर ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों से चना का आयात भी बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसके फलस्वरूप देसी चना की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ने लगी है और कीमतों पर दबाव पड़ना शुरू हो गया है।

केन्द्र सरकार ने चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2023-24 सीजन के 5440 रुपए प्रति क्विंटल से 210 रुपए बढ़ाकर 2024-25 सीजन के लिए 5650 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जबकि इसका थोक मंडी भाव भी इसके आसपास चल रहा है।

चना का दाम गिरकर 5500 से 6300 रुपए प्रति क्विंटल के बीच आ गया है। चना की बिजाई बढ़ी है और मौसम भी सामान्य रहा है। 

व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक आगामी दिनों में आपूर्ति का दबाव बढ़ने पर चना की कीमतों में और भी गिरावट आ सकती है।

फिलहाल 31 मार्च 2025 तक चना के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई है जबकि फरवरी-मार्च में घरेलू फसल की आवक का भी जोर रहेगा।

उधर पीली मटर का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और 28 फरवरी तक इसका शुल्क मुक्त आयात हो सकता है जबकि इसकी नई घरेलू फसल भी तैयार होने वाली है। 

कर्नाटक में कलबुर्गी, बीदर एवं यदगीर सहित अन्य मंडियों में बढ़ती आवक के साथ नए चने का भाव गिरकर 5500-6000 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रह गया है।

उधर महाराष्ट्र की अकोला एवं लातूर जैसी प्रमख मंडियों में चना का दाम 6000-6400 रुपए प्रति क्विंटल बताया जा रहा है जबकि उदगीर एवं दुधानी मंडियों में भाव घटकर 5500-5800 रुपए प्रति क्विंटल रह गया है।

पुराने चना की कीमत मध्य प्रदेश की मंडियों में फिसलकर अब 5000 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास आ गई है। घटते भाव से उत्पादकों की चिंता बढ़ने लगी है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अखिल भारतीय स्तर पर चना का औसत भारित मूल्य वर्तमान समय में 6039 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है जो गत वर्ष की समान अवधि में 6060 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा था।

केन्द्र सरकार ने कर्नाटक में मूल्य समर्थन योजना के तहत 96,498 टन चना की खरीद को मंजूरी दे दी है जिससे किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं गुजरात जैसे राज्यों में अन्य माल की जोरदार आवक होने पर चना का भाव नरम पड़ सकता है।