बिजाई के बाद अब रबी फसलों की प्रगति पर सबका ध्यान केन्द्रित

08-Jan-2026 08:34 PM

नई दिल्ली। धान को छोड़कर अन्य अधिकांश रबी फसलों की बिजाई का अभियान या तो समाप्त हो गया है या बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच गया है। दक्षिण भारत में कहीं-कहीं इसकी प्रकिया जारी है। वहां जनवरी के अंत तक धान की रोपाई हो सकती है। 

उत्तरी पश्चिमी, मध्यवर्ती, पूर्वी एवं पूर्वोत्तर तथा पश्चिमोत्तर भारत में गेहूं, चना, मसूर, सरसों, मक्का, ज्वार एवं जौ सहित अन्य प्रमुख फसलों की बिजाई लगभग समाप्त होने के बाद अब सबका ध्यान इसकी प्रगति पर केन्द्रित हो गया है। आमतौर पर बारिश की कमी के बावजूद ठंडे मौसम के कारण फसल का विकास संतोषजनक ढंग से हो रहा है।

बांधों- जलाशयों में पानी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने से फसलों की सिंचाई के लिए पानी की समुचित आपूर्ति हो रही है। मौसम विभाग ने जनवरी 2026 में सामान्य औसत से अधिक वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है जिससे रबी फसलों को काफी राहत मिल सकती है। 

गेहूं का बिजाई क्षेत्र नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है जबकि धान, चना, मसूर, मक्का, जौ एवं सरसों का उत्पादन क्षेत्र भी गत वर्ष से आगे रहा। जनवरी में मौसम की हालत लगभग सामान्य रह सकती है लेकिन फरवरी-मार्च में तापमान बढ़ने की आशंका है।

इससे खासकर गेहूं की फसल आंशिक रूप से प्रभावित हो सकती है। चना एवं सरसों की अगैती बिजाई वाली नई फसल की कटाई-तैयारी अगले महीने से आरंभ हो जाएगी लेकिन अन्य फसलों की कटाई-मार्च में शुरू होने की संभावना है।