बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी होने से गेहूं के बेहतर उत्पादन की उम्मीद
28-Jan-2025 03:55 PM
नई दिल्ली । अत्यन्त ऊंचे बाजार भाव से उत्साहित भारतीय किसानों ने इस बार गेहूं की खेती में भारी दिलचस्पी दिखाई और दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान अच्छी बारिश होने से खेतों की मिटटी में नमी का पर्याप्त अंश मौजूद रहने के कारण इसकी बिजाई में कोई कठिनाई भी नहीं हुई।
कुछ इलाकों में खरीफ फसलों की कटाई-तैयारी में देर होने तथा कहीं-कहीं उर्वरकों का अभाव रहने से गेहूं की बोआई में थोड़ी बाधा उत्पन्न हुई लेकिन अंत में स्थिति सामान्य हो गई।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन में गेहूं का घरेलू उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 27 जनवरी 2025 तक 324.38 लाख टन पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 315.63 लाख हेक्टेयर तथा गत पांच वर्ष के औसत क्षेत्रफल 312.35 लाख हेक्टेयर से काफी अधिक रहा।
नवम्बर 2024 से जनवरी 2025 तक का मौसम भी गेहूं की फसल के लिए काफी हद तक अनुकूल बना रहा जिससे इसकी अच्छी प्रगति हो रही है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि फरवरी-मार्च के दौरान मौसम अनुकूल बना रहा और किसी प्राकृतिक आपदा का प्रकोप नहीं देखा गया तो इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न के उत्पादन में शानदार बढ़ोत्तरी हो सकती है।
हालांकि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के वर्तमान रबी सीजन के लिए 1150 लाख टन गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है लेकिन इसका हासिल होना मुश्किल लगता है।
उद्योग-व्यापार समीक्षकों के अनुसार अगले दो माह में मौसम के अनुकूल रहने पर गेहूं का घरेलू उत्पादन 1070-1090 लाख टन के बीच हो सकता है जबकि ऊंचे में यह 1100 लाख टन तक भी पहुंच जाए तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी। नीचे में इसका आंकड़ा 1050 लाख टन के करीब रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।
उत्तरी, पश्चिमी एवं पश्चिमोतर क्षेत्र में दिन का तापमान बढ़ने लगा है। यदि ऐसे मौसम में एक-दो बौछार पड़ जाए और ओलावृष्टि न हो तो गेहूं के बेहतर उत्पादन के आसार प्रबल हो जाएंगे और किसानों की चिंता समाप्त हो जाएगी।
