बिजाई क्षेत्र में भारी वृद्धि होने से इराक में गेहूं का अधिशेष उत्पादन होने की उम्मीद
17-Oct-2024 11:59 AM
बग़दाद । परम्परागत रूप से इराक गेहूं का एक महत्ववूर्ण आयातक देश रहा है लेकिन चालू वर्ष के दौरान न केवल वहां इसके आयात में भारी गिरावट आने की संभावना है बल्कि शानदार उत्पादन के कारण इसका कुछ अधिशेष स्टॉक भी बचने की उम्मीद है।
सरकारी सब्सिडी मिलने से उत्साहित किसानों ने गेहूं का बिजाई क्षेत्र बढ़ाकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया जबकि वहां मौसम भी काफी हद तक अनुकूल बना रहा।
इराक सरकार ने देश को गेहूं उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है और इसलिए किसानों को उत्पादन संवर्धन के लिए तरह-तरह से प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
इराक में गेहूं की फसल को अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है। अनाजी फसलों के कुल उत्पादन में गेहूं का योगदान 70 प्रतिशत के करीब रहता है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू वर्ष के दौरान इराक में गेहूं का बिजाई क्षेत्र बढ़कर 27 लाख हेक्टेयर के करीब पहुंच गया जबकि 2.33 टन प्रति हेक्टेयर की औसत उपज दर के साथ इसका कुल उत्पादन बढ़कर 63 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है। जो 2023-24 सीजन के उत्पादन 52 लाख टन से 11 लाख टन तथा पंचवर्षीय औसत उत्पादन 43 लाख टन से 20 लाख टन अधिक है।
पिछले साल इराक के उत्तरी भाग में प्रतिकूल मौसम के कारण जौ की फसल को भारी नुकसान हुआ था और इसका उत्पादन लुढ़क कर महज 2 लाख टन पर सिमट गया था।
मगर चालू वर्ष के दौरान उत्पादन तेजी से बढ़कर 14 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है जो पंचवर्षीय औसत उत्पादन 8.50 लाख टन से काफी अधिक है।
इराक के कुल क्षेत्रफल में कृषि योग्य भूमि की भागीदार केवल 13 प्रतिशत तथा चारागाह की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत है। कृषि योग्य भूमि के 50 प्रतिशत भाग में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है।
अधिकांश कृषि योग्य जमीन देश के उत्तरी एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र में है जहां वर्षा बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अलावा टिगरिस तथा फरात नदियों की घाटी में भी फसलों की खेती होती है जहां सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है।
समझा जाता है कि घरेलू मांग एवं खपत से ज्यादा उत्पादन होने से इराक को अगले कुछ महीनों तक विदेशों से गेहूं के आयात की आवश्यकता नहीं या नगण्य पड़ेगी।
