बिजाई में सुधार के बावजूद कपास का क्षेत्रफल कुछ पीछे
07-Sep-2026 01:14 PM
नई दिल्ली। हाल के सप्ताहों में गुजरात सहित कुछ अन्य राज्यों में कपास के बिजाई क्षेत्र में अच्छा सुधार आया है जिससे पिछले साल की तुलना में क्षेत्रफल में गिरावट का अंतर काफी घट गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष 4 सितम्बर तक कपास का उत्पादन क्षेत्र 109.87 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा था जो इस वर्ष 70 हजार हेक्टेयर की गिरावट के साथ 109.17 लाख हेक्टेयर रह गया। कपास की छिटपुट बिजाई कहीं-कहीं जारी है जबकि उत्तरी एवं दक्षिणी भारत में इसकी अगैती बिजाई वाली फसल की तुड़ाई-तैयारी भी शुरू हो चुकी है।
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक जैसे राज्यों में नई रूई की आवक हो रही है लेकिन अभी इसकी मात्रा कम बताई जा रही है। उस्डा पोस्ट ने 2026-27 सीजन के दौरान भारत में 245 लाख गांठ रूई के उत्पादन का अनुमान लगाया है जबकि उसकी प्रत्येक गांठ 480 पौंड की होती है। भारत में रूई की प्रत्येक गांठ 170 किलो की तथा रनिंग गांठ 160 किलो की मानी जाती है।
महाराष्ट्र, राजस्थान एवं हरियाणा जैसे महत्वपूर्ण उत्पादक राज्यों में इस बार कपास की बिजाई कम क्षेत्रफल में हुई है। दूसरी ओर कुछ प्रांतों में इसका रकबा बढ़ा भी है। मध्य प्रदेश में भारी वर्षा से कुछ क्षेत्रों में खेतों में पानी भर गया है जिससे कपास की फसल को कुछ नुकसान हो सकता है।
