कुछ राज्यों में गन्ना की फसल को वर्षा की सख्त जरूरत
07-Sep-2026 03:51 PM
नई दिल्ली। यद्यपि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड एवं गुजरात के अधिकांश भागों में अच्छी बारिश होने से गन्ना की फसल की हालत काफी हद तक सुधर गई है लेकिन महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों तथा कर्नाटक-तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु में वर्षा का अभाव होने से फसल की हालत उत्साहवर्धक नहीं आंकी जा रही है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि राष्ट्रीय स्तर पर गन्ना का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से कुछ पीछे हो गया है। इस वर्ष गन्ना का क्षेत्रफल 4 सितम्बर तक 58.47 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो पिछले साल के रकबा 58.87 लाख हेक्टेयर से 40 हजार हेक्टेयर कम है। इससे चीनी उत्पादन के प्रति चिंता कुछ बढ़ सकती है।
गन्ना का उत्पादन क्षेत्र कुछ राज्यों में बढ़ा है लेकिन कुछ अन्य प्रांतों में घट गया है। दक्षिण भारत में फसल को अच्छी वर्षा की सख्त जरूरत है। सरकार इस बार एथनॉल निर्माण में गन्ना के उपयोग की मात्रा में कुछ कटौती कर सकती है क्योंकि चीनी का स्टॉक सीमित रह गया है और सरकार इसके उत्पादन संवर्धन को प्राथमिकता देना चाहेगी। अगस्त में चीनी का भाव उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था जो अब काफी नीचे आ गया है। मध्य अक्टूबर से गन्ना की क्रशिंग आरंभ होने की संभावना है तब चीनी की आपूर्ति में और सुधार आ जाएगा।
