गुजरात में 81.43 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बिजाई पूरी

07-Sep-2026 04:17 PM

गांधीनगर। मूंगफली, कपास एवं अरंडी के सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- गुजरात में इस वर्ष 7 सितम्बर तक खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र 81.43 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो पिछले साल के क्षेत्रफल 83.04 लाख हेक्टेयर से 1.61 लाख हेक्टेयर कम है। राज्य में खरीफ फसलों की बिजाई की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है या बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच गई है। 

राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार गुजरात में पिछले साल के मुकाबले मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान धान एवं मोटे अनाजों का संयुक्त उत्पादन क्षेत्र 13.76 लाख हेक्टेयर के लगभग बराबर ही रहा। इसके तहत धान का उत्पादन क्षेत्र 9.00 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.17 लाख हेक्टेयर ज्वार का रकबा 11 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 14 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा मगर बाजरा का बिजाई क्षेत्र 1.72 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.61 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का क्षेत्रफल 2.81 लाख हेक्टेयर से गिरकर 2.72 लाख हेक्टेयर रह गया। 

दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 4.42 लाख हेक्टेयर से सुधरकर इस बार 4.53 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। इसके तहत तुवर का उत्पादन क्षेत्र 2.91 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.17 लाख हेक्टयर तथा उड़द का क्षेत्रफल 83 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 91 हजार हेक्टेयर हो गया जबकि मूंग का बिजाई क्षेत्र 48 हजार हेक्टेयर से घटकर 31 हजार हेक्टेयर रह गया। 

लेकिन तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 31.44 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 29.62 लाख हेक्टेयर  पर रह गया। इसके तहत मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 22.02 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 20.69 लाख हेक्टेयर, तिल का रकबा 41 हजार हेक्टेयर से गिरकर 20 हजार हेक्टेयर तथा अरंडी का क्षेत्रफल 6.24 लाख हेक्टेयर से घटकर 5.70 लाख हेक्टेयर रह गया जबकि सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र 2.78 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.04 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

हालांकि गुजरात में कपास का बिजाई क्षेत्र 20.81 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.48 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर ग्वार का क्षेत्रफल 74 हजार हेक्टेयर से घटकर 50 हजार हेक्टेयर पर सिमट गया।