बिजाई में थोड़ी प्रगति के बावजूद महाराष्ट्र में खरीफ फसलों का क्षेत्रफल गत वर्ष से पीछे

12-Aug-2025 06:57 PM

मुम्बई। यद्यपि हाल के सप्ताहों के दौरान महाराष्ट्र में खरीफ फसलों की बिजाई में कुछ प्रगति हुई है मगर फिर भी इसका क्षेत्रफल गत वर्ष से कुछ पीछे चल रहा है। पिछले साल की तुलना में इस बार महाराष्ट्र में धान, मक्का एवं उड़द के क्षेत्रफल में सुधार आया है जबकि शेष फसलों की बिजाई कम क्षेत्रफल में हुई है। 

राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में इस वर्ष 11 अगस्त तक खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 142.07 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 143.65 लाख हेक्टेयर से 1.58 लाख हेक्टेयर कम रहा।

गत वर्ष की तुलना में इस बार राज्य में धान सहित अनाजी फसलों का उत्पादन क्षेत्र 30.36 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 32.72 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा लेकिन दलहनों का बिजाई क्षेत्र 18.81 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 18.44 लाख हेक्टेयर और कपास का रकबा 40.82 लाख हेक्टेयर से घटकर 38.39 लाख हेक्टेयर रह गया। तिलहनों का रकबा भी घट गया है। 

समीक्षाधीन अवधि के दौरान आगामी फसलों में धान का उत्पादन क्षेत्र 13.31 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 13.56 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का क्षेत्रफल 11.07 लाख हेक्टेयर से उछलकर 14.31 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा लेकिन ज्वार का रकबा 1.06 लाख हेक्टेयर से गिरकर 85 हजार हेक्टेयर तथा बाजरा का बिजाई क्षेत्र 3.99 लाख हेक्टेयर से घटकर 3.21 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। 

दलहन फसलों में वहां तुवर का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 12.11 लाख हेक्टेयर से फिसलकर इस बार 12.00 लाख हेक्टेयर तथा मूंग का बिजाई क्षेत्र 2.31 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.08 लाख हेक्टेयर रह गया जबकि उड़द का क्षेत्रफल 3.72 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 3.73 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।

अन्य दलहनों का रकबा 69 हजार हेक्टेयर से गिरकर 63 हजार हेक्टेयर पर अटक गया। पहले तुवर का रकबा काफी पीछे चल रहा था मगर अब अत्यन्त निकट आ गया है। 

तिलहन फसलों में सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 50.27 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 49.26 लाख हेक्टेयर तथा मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 1.45 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.32 लाख हेक्टेयर रह गया।

तिल और सूरजमुखी का क्षेत्रफल भी गत वर्ष से पीछे है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र देश में सोयाबीन, तुवर एवं कपास के उत्पादन में दूसरे नम्बर पर रहता है।