बाजार भाव ऊंचा रहने से चना की सरकारी खरीद बहुत कम - तुवर की खरीद में वृद्धि
25-Apr-2025 01:04 PM
नई दिल्ली। देसी चना का थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊंचा होने के कारण सरकारी एजेंसियों को इसकी खरीद करने में भारी कठिनाई हो रही है। चना का एमएसपी इस बार 5650 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है जो पिछले साल के समर्थन मूल्य 5440 रुपए प्रति क्विंटल से 210 रुपए ज्यादा है जबकि घरेलू बाजार में इसका भाव 6000 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है।
किसानों को थोक मंडियों में ऊंचा दाम मिल रहा है इसलिए वे सरकारी क्रय केन्द्रों पर अपना माल लाने में ज्यादा रूचि नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि शीर्ष स्तर की तुलना में चना का दाम घटकर अब काफी नीचे आ गया है लेकिन फिर भी यह सरकारी समर्थन मूल्य से कुछ ऊंचा है। इससे एजेंसियों को खरीद में ज्यादा सफलता नहीं मिल रही है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा इस वर्ष प्रमुख उत्पादक राज्यों में कुल मिलाकर 28 लाख टन चना की खरीद की स्वीकृति दी गई है मगर अभी तक सरकारी एजेंसियों को महज 24 हजार टन की ही खरीद करने में सफलता मिल सकी है जो कुल स्वीकृति मात्रा के 1 प्रतिशत से भी कम है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार फिलहाल सरकार मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत चना खरीदने का प्रयास कर रही है जिसमें एजेंसियों को एमएसपी से ऊंचे दाम पर खरीद करने की अनुमति नहीं होती है।
सरकारी स्टॉक में चना का भंडार काफी कम है। यदि उसे बढ़ाना है तो सरकार को मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) योजना लागू करनी पड़ेगी अथवा चना का बाजार भाव घटने का इंतजार करना होगा।
जहां तक तुवर का सवाल है तो इसकी सरकारी खरीद काफी अच्छी मानी जा सकती है। कृषि मंत्रालय द्वारा कुल 13.22 लाख टन अरहर (तुवर) की खरीद की मंजूरी दी गई है जबकि 22 अप्रैल तक 3.92 लाख टन की खरीद हो चुकी थी।
महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना एवं गुजरात सहित कुल नौ राज्यों में तुवर खरीदने की अनुमति दी गई थी। आंध्र प्रदेश में इसकी खरीद की समय सीमा 22 अप्रैल को समाप्त हो गई थी
लेकिन सरकार ने इसे 22 मई 2025 तक बढ़ा दिया। कृषि मंत्री ने कहा है कि तुवर की शत-प्रतिशत खरीद 7550 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी।
