बजट सत्र के दौरान बीज विधेयक संसद में प्रस्तुत किए जाने की संभावना
12-Jan-2026 01:27 PM
नई दिल्ली। समझा जाता है कि केन्द्र सरकार ने बीज विधेयक 2026 को अंतिम रूप दे दिया है और आगामी बजट सत्र के दौरान उसे संसद में प्रस्तुत किया जा सकता है।
28 जनवरी से संसद का बजट अधिवेशन आरंभ होने वाला है जो 2 अप्रैल तक जारी रहेगा। इसमें 25 दिनों का अवकाश भी शामिल है।
माना जा रहा है कि नवम्बर 2025 में सरकार ने विधेयक का जो प्रारूप सार्वजनिक तौर पर पेश किया था और जिसके लिए लोगों से सुझाव आमंत्रित किए गए थे उसमें कोई बड़ा परिवर्तन नहीं किया गया है।
उल्लेखनीय है कि मौजूदा बीज अधिनियम 1966 देश में वर्ष 1968-69 से प्रभावी हुआ था और इसमें अंतिम बार संशोधन 1972 में हुआ था। वैसे बीज नियंत्रण आदेश में समय-समय पर बदलाव होते रहे।
विगत वर्षों में एक नया बीज कानून तैयारी और लागू करने के लिए अनेक बार प्रयास किए गए लेकिन राजनैतिक दलों में सहमति नहीं बनने के कारण इसे संसद में पारित नहीं करवाया जा सका। किसान संगठनों द्वारा भी पिछले बीज विधेयकों का जोरदार विरोध किया गया था।
बीज विधेयक को संसद के पिछले अधिवेशन में ही प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद थी जिसकी घोषणा भी केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कर दी थी लेकिन उसे पेश नहीं किया जा सका।
इस विधेयक में बीजों की क्वालिटी तथा बाजार में उपलब्ध प्लांटिंग मैटीरियल को रेग्युलेट करने का प्रावधान है जिसका उद्देश्य किसानों को उच्च क्वालिटी का बीज उचित कीमत पर उपलब्ध करवाना है।
बाजार में अक्सर नकली, घटिया एवं मिलावटी बीज की बिक्री होने की शिकायत मिलती रहती है जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है और इसलिए सरकार इस पर रोक लगाना चाहती है।
इसके अलावा विदेशों से अच्छी किस्मों के बीजों के आयात की नीति को उदार बनाने का भी प्रयास किया जाएगा ताकि देश में उसका उत्पादन बढ़ाया जा सके। इससे फसलों की उपज दर में सुधार आने की उम्मीद रहेगी।
