बकाया स्टॉक कम रहने से छोटी इलायची का भाव मजबूत होने के आसार
23-Aug-2025 01:07 PM
नई दिल्ली। यद्यपि केरल और तमिलनाडु जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों में मौसम एवं वर्षा की स्थिति पर इलायची के उत्पादन अनुमान में बदलाव हो रहा है मगर फिर भी कुल उत्पादन पिछले साल से बेहतर होने के आसार हैं।
चालू वर्ष के लिए पहले 32-33 हजार टन छोटी इलायची के उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा था मगर प्राकृतिक आपदाओं या प्रतिकूल मौसम के कारण इसमें 10-15 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना व्यक्त की जा रही है जिससे कुल उत्पादन 29-30 हजार टन रह सकता है। पिछले साल 26-27 हजार टन का उत्पादन आंका गया था।
उत्पादकों एवं व्यापारियों के पास छोटी इलायची का बकाया स्टॉक काफी कम रह गया है क्योंकि गत वर्ष (मार्केटिंग सीजन) में कमजोर उत्पादन के साथ इसका घरेलू एवं निर्यात कारोबार बेहतर रहा था।
इलायची का नया मार्केटिंग सीजन औपचारिक तौर पर 1 अगस्त से आरंभ हो चुका है। नई फसल की तुड़ाई-तैयारी में कुछ देर हुई मगर अब इसकी रफ्तार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। खपतकर्ता केन्द्रों पर भी स्टॉक कम बताया जा रहा है जिससे दिसावरी डीलर्स उत्पादक क्षेत्रों में इसकी खरीद के लिए सक्रिय हो रहे हैं।
मसाला बोर्ड ने खरीदारों को सिर्फ लाइसेंस युक्त एवं अधिकृत फर्मों द्वारा आयोजित की जाने वाली नीलामी में ही इलायची खरीदने का सुझाव देते हुए आगाह किया है कि फर्जी कंपनियों की निकासी को गैर कानूनी माना जाएगा।
केरल के पूट्टादी तथा तमिलनाडु के बोदीनायकन्नूर में इलेक्ट्रॉनिक पद्धति से छोटी इलायची में नीलामी आयोजित होती है जिसे वैधानिक माना जाता है।
मसाला बोर्ड ने कुछ अन्य स्थानों पर मौखिक (मैन्युअल) के आधार पर इलायची में नीलामी आयोजित करने की अनुमति दे रखी है। समझा जाता है कि गैर कानूनी तरीके से आयोजित होने वाली नीलामी के कारण छोटी इलायची की कीमतों पर दबाव बना हुआ था। अब इस पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
इलायची का औसत नीलामी मूल्य फिलहाल 2450 रुपए प्रति किलो के आसपास चल रहा है जबकि शीघ्र ही इसमें जोरदार त्यौहारी मांग निकलने की संभावना है जिससे कीमतों में कुछ तेजी आने के आसार हैं।
ग्वाटेमाला से प्रतिस्पर्धा घटने के कारण खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारतीय इलायची की मांग मजबूत रहने की उम्मीद है। नीलामी केन्द्रों में इलायची की आवक बढ़ेगी मगर साथ ही साथ खरीदारों की संख्या में भी वृद्धि होगी जिससे बेहतर कारोबार के बीच भाव मजबूत रह सकता है।
