बोनस का असर: मध्य प्रदेश और राजस्थान में गेहूं खरीद में जबरदस्त बढ़त
08-Apr-2025 02:02 PM
बोनस का असर: मध्य प्रदेश और राजस्थान में गेहूं खरीद में जबरदस्त बढ़त
★ FCI द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार 7 अप्रैल 2025 तक देशभर में कुल 18.96 लाख टन गेहूं की खरीद हुई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 11.76 लाख टन अधिक है।
★ मध्य प्रदेश में सक्से अधिक 16.50 लाख टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई है, जो 2024 के मुकाबले 9.76 लाख टन अधिक। वहीं राजस्थान ने भी 1.30 लाख टन की बढ़ोतरी के साथ कुल 1.51 लाख टन गेहूं की खरीद की है। MSP पर बोनस के घोषणा के बाद दोनों राज्यों में खरीद में अच्छी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
★ उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी क्रमशः 89,017.29 टन और 2,636.65 टन गेहूं की खरीद हुई है, हालांकि इन राज्यों में वृद्धि मामूली रही।
वहीं, बिहार, गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों में खरीद सीमित रही है। पंजाब में केवल 32.90 टन गेहूं की खरीद हुई, जबकि गुजरात और बिहार में क्रमशः 1,239.90 टन और 2,253.36 टन की खरीद हुई।
★ इन राज्यों में अगले 15 दिनों में गेहूं की अवाक बढ़ेगी। इस वर्ष पंजाब और हरियाणा से सभी अच्छी खरीद होने की संभावनाएं।
★ दरअसल पिछले वर्ष आवक के दौरान भाव MSP से अधिक होने का कारण खरीद कम हो पाई थी यही हाल रबी 2023 के दौरान भी देखा गया।
★ मिलर्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में MSP पर ही खरीद हो रही है, अगले सप्ताह से उत्तर प्रदेश में भी गेहूं की आवक चरम पर होगी और मिलर्स इस खरीद में सक्रीय रह सकते हैं। कई बड़ी कंपनियां कर रही हैं इंतज़ार।
★ आई- ग्रेन इंडिया का मानना हैं कि इस वर्ष सरकारी खरीद 280 लाख टन से अधिक होने की संभावनाएं बनती नज़र आ रही है। अगर खरीद इससे अधिक होती है तो OMSS के तहत बिक्री भी जल्दी और बढ़ी मात्रा में की जाएगी।
★ मौजूदा उत्पादन और खरीद को देखते हुए कहा जा सकता हैं कि अब आयात की अटकलें खत्म होगी तथा निर्यात खोलने के लिए आवाज़ उठेगी।
★ हमारा मानना हैं कि केंद्रीय पूल में आरामदायक स्टॉक के लिए कम से कम 2 साल बम्पर फसल की आवश्यकता है। फ़िलहाल आयात खोले जाने पर विचार किये जाने की उम्मीद कम।
