ब्राजील में मौसम अनुकूल नहीं होने से चीनी का भाव मजबूत होने के आसार

06-May-2025 06:00 PM

साओ पाउलो। लैटिन अमरीकी देश- ब्राजील में गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी तथा एथनॉल के उत्पादन का सीजन अप्रैल में ही औपचारिक तौर पर आरंभ हो चुका है मगर मौसम की हालत पूरी तरह अनुकूल नहीं होने से चीनी मिलों को कुछ कठिनाई हो रही है।

उल्लेखनीय है कि ब्राजील दुनिया में चीनी का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है। वहां 90 प्रतिशत चीनी का उत्पादन मध्य दक्षिणी भाग में होता है

और साओ पाउलो प्रान्त में पिछले साल आगजनी की अनेक घटनाएं हुई थीं और लगभग 50 हजार हेक्टेयर में गन्ना की फसल जलकर बर्बाद हो गई थी। उसमें कम से कम चालू वर्ष के दौरान गन्ना का उत्पादन क्रशिंग के लिए उपलब्ध नहीं होगा। 

थाईलैंड चीनी के निर्यात में दूसरे नम्बर पर रहता है। वहां आमतौर पर गन्ना की क्रशिंग आमतौर पर दिसम्बर से अप्रैल के दौरान होती है। चीनी के उत्पादन का सीजन लगभग समाप्त होने के बाद वहां से निर्यात की गति पर नजर रखी जा रही है।

पिछले साल की तुलना में इस बार थाईलैंड में चीनी का उत्पादन कुछ बढ़ने की उम्मीद है। इससे वहां निर्यात योग्य स्टॉक में बढ़ोत्तरी हो सकती है। 

जहां तक भारत का सवाल है तो यह ब्राजील के बाद दुनिया में चीनी का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक देश है लेकिन पिछले सीजन की तुलना में इस बार यहां चीनी के उत्पादन में 55-60 लाख टन की जोरदार गिरावट आने की संभावना है।

केन्द्र सरकार ने 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान मिलर्स को 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी है मगर घरेलू बाजार भाव ऊंचा होने से विदेशी आयातक इसकी खरीद में जोरदार दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

देश से अभी तक चार लाख टन से भी कम चीनी का निर्यात शिपमेंट संभव हो सका है जबकि पूरे मार्केटिंग सीजन में इसका कुल निर्यात 7-8 लाख टन तक पहुंच सकता है। यदि वैश्विक बाजार भाव ऊंचा और तेज हुआ तो भारतीय चीनी के निर्यात में कुछ वृद्धि हो सकती है।