बारिश की कमी के बावजूद धान के उत्पादन क्षेत्र में वृद्धि

01-Jul-2026 07:51 PM

नई दिल्ली। हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून की सुस्त चाल एवं कम तीव्रता के कारण देश के विभिन्न भागों में बारिश का अभाव देखा जा रहा है जिससे अधिकांश खरीफ फसलों की बिजाई गत वर्ष से काफी पीछे चल रही है

लेकिन धान के उत्पादन क्षेत्र में आश्चर्यजनक रूप से बढ़ोत्तरी देखी जा रही है जबकि वर्षा (पानी) की सबसे ज्यादा जरूरत इसको ही पड़ती है। इसकी रोपाई के लिए खेतों में पानी होना जरुरी है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार चालू खरीफ सीजन में 25 जून तक धान का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 25.75 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो गत वर्ष की समान अवधि के रकबा 21.45 लाख हेक्टेयर से 4.30 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।

खरीफ सीजन में आमतौर पर 400 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में अधिक की खेती होती है जिसे देखते हुए अभी रकबा बहुत पीछे है। जिन इलाकों में बारिश हुई है अथवा सिंचाई की अच्छी सुविधा उपलब्ध है वहां किसान धान की खेती में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं।