बारिश की कमी से जलाशयों में पानी का स्तर घटा

31-Jan-2025 11:28 AM

नई दिल्ली । केन्द्रीय जल आयोग के नवीनतम साप्ताहिक अपडेट से पता चलता है कि बारिश की कमी के कारण देश के 155 प्रमुख बांधों-जलाशयों में लगातार 13 वें सप्ताह पानी का स्तर घटकर कुल भंडारण क्षमता के 64 प्रतिशत  पर आ गया।

इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 180.852 बिलियन क्यूबिक लीटर (बीसीएम) की है जबकि उसमें केवल 114.914 बीसीएम पानी का भंडार बचा हुआ है।

लेकिन फिर भी यह भंडार गत वर्ष की समान अवधि के स्टॉक से 21 प्रतिशत बिंदु तथा 10 वर्षीय औसत स्टॉक से 16 प्रतिशत बिंदु ऊपर है।

पंजाब, हिमाचल प्रदेश तथा बिहार में जलस्तर घटकर काफी नीचे आ गया है वहां पानी का भंडार पिछले साल के साथ-साथ दस वर्षीय औसत स्तर से भी बहुत कम है। 

आयोग के मुताबिक 7 नवम्बर 2024 से ही जलाशयों में पानी का भंडार घट रहा है। इसका प्रमुख कारण देश के अधिकांश इलाकों में वर्षा का अभाव होना तथा बांधों में पानी की निकासी बढ़ना है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की समाप्ति के बाद तथा  शीतकाल के दौरान अनेक राज्यों में वर्षा की भारी कमी दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर-दिसम्बर 2024 की तिमाही के दौरान देश के लगभग 60 प्रतिशत भाग में बारिश नहीं या नगण्य हुई।

इसमें पश्चिमोत्तर एवं मध्यवर्ती भारत का विशाल इलाका भी शामिल था। उल्लेखनीय है कि इसी क्षेत्र में गेहूं, चना, सरसों, मसूर, मटर एवं जौ जैसी प्रमुख रबी फसलों का सर्वाधिक उत्पादन होता है।

इसी तरह मौजूद शीतकाल के दौरान देश के 85 प्रतिशत भाग में वर्षा नहीं या नगण्य हुई जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई।   

राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने शीघ्र ही देश के करीब आधा दर्जन राज्यों में अच्छी वर्षा होने तथा पहाड़ी क्षेत्रों में हिमपात होने की भविष्यवाणी की है।

यदि मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि नहीं हुई और अच्छी बारिश हो गई तो रबी फसलों को भारी फायदा होगा और इसके उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने की प्रबल संभावना रहेगी।