बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन के पुनर्गठन का आग्रह

20-Apr-2026 05:57 PM

चंडीगढ़। पंजाब राइस मिलर्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री से बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (बीईडीएफ) की पुनर्संरचना करने तथा बदलते हालात के अनुरूप इसके ढांचे में व्यापाक परिवर्तन करने का आदेश देने का आग्रह किया है। 

उल्लेखनीय है कि बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन गत वर्ष उस समय सुर्खियों में आया था जब चावल निर्यातकों के लिए अनिवार्य अनुबंध पंजीकरण शुल्क में दोगुने से ज्यादा की वृद्धि की गई थी।

वर्तमान समय में वाणिज्य मंत्रालय के अधीनस्थ निकाय- कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा इस फाउंडेशन का संचालन किया जाता है।

पंजाब के निर्यातक संगठन का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर इस फाउंडेशन में आवश्यक सुधार का प्रयास आरंभ किया जाना चाहिए। 

ध्यान देने की बात है कि पहले बासमती चावल के निर्यात हेतु अनुबंध पंजीकरण शुल्क 30 रुपए प्रति टन नियत था जिसे सितम्बर 2025 में दोगुने से ज्यादा बढ़ाकर 70 रुपए प्रति टन निर्धारित कर दिया गया।

उस समय भी एसोसिएशन ने एपीडा को पत्र भेजकर इस शुल्क वृद्धि को असामान्य एवं भार बढ़ाने वाला मनमाना निर्णय करार दिया था और कहा था कि इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

हरियाणा के बासमती चावल निर्यातकों ने भी सरकार से इसी तरह की अपील की थी मगर सरकार ने उस आग्रह-अपील को नजरअंदाज करते हुए शुल्क वृद्धि का निर्णय लागू कर दिया था। मौजूद हालात बासमती चावल निर्यातकों के लिए बिलकुल भी अनुकूल नहीं है।