बढ़ते वैश्विक भाव को देखते हुए रूस के सूरजमुखी तेल पर निर्यात शुल्क में भारी वृद्धि की संभावना
22-Nov-2024 04:28 PM
मास्को । अंतर्राष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों के बढ़ते दाम को देखते हुए रूसी सूरजमुखी तेल पर आयात शुल्क में नवम्बर के मुकाबले दिसम्बर में लगभग 200 प्रतिशत तथा दिसम्बर की तुलना में जनवरी के दौरान 50 प्रतिशत की भारी बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि रूस दुनिया में सूरजमुखी के उत्पादन एवं सूरजमुखी तेल के निर्यात में शीर्ष देशों की सूची में शामिल है और भारत में सूरजमुखी तेल का सर्वाधिक आयात रूस से ही हो रहा है।
ध्यान देने की बात है कि नवम्बर 2024 के लिए रूस के सूरजमुखी तेल पर 29.88 डॉलर प्रति टन का निर्यात शुल्क लगाया गया है जबकि दिसम्बर 2024 में इसे बढ़ाकर 60 से 90 डॉलर प्रति टन के बीच निर्धारित किया जा सकता है।
जानकारों के मुताबिक यदि वैश्विक बाजार भाव ऊंचे स्तर पर बरकरार रहा तो जनवरी 2025 में निर्यात शुल्क को और बढ़ाकर 130-140 डॉलर प्रति टन तक नियत किया जा सकता है। इससे भारत पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
भारत में रूस के अलावा रोमानिया, यूक्रेन तथा अर्जेन्टीना जैसे देशों से भी सूरजमुखी तेल का भारी आयात होता है। पहले यूक्रेन इसका सबसे प्रमुख सप्लायर था मगर अब रूस तथा रोमानिया उससे आगे निकल गया है।
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार नवम्बर 2023 से अक्टूबर 2024 के मार्केटिंग सीजन के दौरान भारत में 35.06 लाख टन से कुछ अधिक क्रूड सूरजमुखी तेल का आयात हुआ।
इसमें रूस से सर्वाधिक 18.06 लाख टन का आयात शामिल था। इसके अलावा रोमानिया से 6.30 लाख टन, यूक्रेन से 5.61 लाख टन तथा अर्जेन्टीना से 3.95 लाख टन से कुछ अधिक सूरजमुखी तेल मंगाया गया। ब्राजील से 4500 टन तथा अन्य देशों से 1.09 लाख टन का आयात हुआ।
