बदलते वैश्विक हालात से कनाडा में मटर एवं मसूर की बिजाई प्रभावित होने की आशंका

02-May-2025 04:30 PM

ओटावा। चीन द्वारा कनाडाई मटर पर 100 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाने तथा भारत में पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा 31 मई 2025 तक ही रहने से कनाडा के मटर उत्पादन इस समय भारी असमंजस में फंसे हुए हैं।

मटर की खेप के प्रति उसका उत्साह कमजोर पड़ता जा रहा है। इसी तरह मसूर के उत्पादक भी दुविधाग्रस्त हैं।

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार कनाडा में हरी मसूर के उत्पादक भारी दुविधा के दौर से गुजर रहे हैं क्योंकि इसकी मांग बिल्कुल सुस्त पड़ गई है और अगली फसल के लिए अनुबंध मूल्य में भारी गिरावट आ गई है। लाल मसूर का भाव कुछ हद तक स्थिर बना हुआ है और इसमें अच्छा कारोबार देखा जा रहा है। 

अन्य महत्वपूर्ण कृषि उत्पादों की तुलना में मसूर अब भी किसानों को बेहतर आमदनी देने में सक्षम है लेकिन अगली फसल का दाम काफी घट जाने से उत्पादकों को इसकी बिजाई की अपनी योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।

सरकारी एजेंसी- स्टैट्स कैन ने कनाडा में मसूर का कुल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 42.10 लाख एकड़ से घटकर इस बार 41.70 लाख एकड़ पर सिमटने का अनुमान लगाया है लेकिन लगातार बदलते हालात को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि वहां वास्तविक बिजाई क्षेत्र इससे कम रह सकता है।

जहां तक मटर का सवाल है तो स्टैट्स कैन ने इसका क्षेत्रफल पिछले साल के 32.10 लाख एकड़ में उछलकर इस वर्ष 35.20 लाख एकड़ पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की है मगर अभी तक इसका रकबा गत वर्ष से 16 प्रतिशत पीछे चल रहा है। 

दिलचस्प तथ्य यह है कि स्टैट्स कैन के विपरीत उद्योग- व्यापार क्षेत्र के समीक्षक इस बार कनाडा में खासकर हरी मसूर के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद व्यक्त कर रहे हैं क्योंकि एक तो इसके बीज की अच्छी बिक्री हुई है और दूसरे, पिछले शीतकाल के दौरान इसका बाजार भाव काफी ऊंचा रहा था।

पश्चिमी कनाडा की मंडियों में हरी मसूर के मौजूद स्टॉक का भाव 50-51 सेंट प्रति पौंड तथा अगली नई फसल (जो अगस्त-सितम्बर में आएगी) का अनुबंध मूल्य 40-42 सेंट प्रति पौंड चल रहा है।

दूसरी ओर लाल मसूर का दाम पुराने स्टॉक के लिए 33-34 सेंट प्रति पौंड एवं नई फसल के लिए 29-30 सेंट प्रति पौंड बताया जा रहा है। कनाडा में 2023 के मुकाबले 2024 में मसूर का उत्पादन 35 प्रतिशत उछलकर 24.30 लाख टन पर पहुंचा

और भारत इसका सबसे प्रमुख खरीदार बना रहा चालू वर्ष के दौरान भी कनाडा के मसूर उत्पादकों एवं निर्यातकों का ध्यान भारत पर ही केन्द्रित रहेगा।