बांधों-जलाशयों में लगातार दूसरे सप्ताह पानी के भंडार में इजाफा

06-Jun-2025 03:43 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि देश के 161 प्रमुख बांधों- जलाशयों में लगातार दूसरे सप्ताह पानी के स्तर में बढ़ोत्तरी हुई और यह कुल भंडारण क्षमता के 31.13 प्रतिशत पर पहुंच गया। आयोग की साप्ताहिक बुलेटिन के अनुसार इन 161 प्रमुख बांधों में पानी की कुल भंडारण क्षमता 182.444 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) की है जबकि उसमें 56.802 बीसीएम पानी का स्टॉक मौजूद है। पिछले सप्ताह इन बांधों में 30.33 प्रतिशत पानी का भंडार बचा हुआ था। उससे पूर्व के लगातार 28 सप्ताहों तक पानी के स्टॉक में गिरावट का रुख बना हुआ था। मौजूदा जल स्तर पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 38 प्रतिशत तथा 10 वर्षीय औसत के मुकाबले 29 प्रतिशत अधिक है। 

दक्षिण-पश्चिम मानसून का सीजन पहले ही आरंभ हो चुका है और मौसम विभाग ने इस बार अच्छी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है जिससे बांधों में जलस्तर आगे और बढ़ने की संभावना है। इससे न केवल खरीफ फसलों की बिजाई एवं सिंचाई में सहायता मिलेगी बल्कि पेय जल का संकट भी दूर हो सकेगा।

गत सप्ताह 104 जलाशयों में पानी का स्तर 40 प्रतिशत से नीचे था जिसकी संख्या चालू सप्ताह में गिरकर 101 रह गई। कुल मिलाकर 77 प्रतिशत जलाशयों में कुल भंडारण क्षमता के 50 प्रतिशत से कम पानी का भंडार बचा हुआ है। देश के दक्षिणी एवं पूर्वी भाग के जलाशयों में पानी का भंडार बढ़ा है जबकि मध्यवर्ती, उत्तरी एवं पश्चिमी जोन के बांधों में जल स्तर घट गया है। ज्ञात हो कि दक्षिणी प्रायद्वीप एवं पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून की सक्रियता जारी रहने से भारी बारिश हुई है। लेकिन उत्तरी एवं पश्चिमोत्तर राज्यों में अभी मानसून नहीं पहुंचा है। 

उत्तरी क्षेत्र के 11 जलाशयों में 19.836 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले 29.07 प्रतिशत या 5.766 बीसीएम पानी का भंडार बचा हुआ है। यह भंडारण पंजाब में 42.15 प्रतिशत, राजस्थान में 52.38 प्रतिशत तथा हिमाचल प्रदेश में 17.23 प्रतिशत आंका गया है।