बांधों में जल स्तर घटने का सिलसिला जारी

05-Jan-2026 04:09 PM

नई दिल्ली। देश के अधिकांश भागों में शीतकालीन वर्षा का अभाव होने से 166 प्रमुख बांधों-जलाशयों में कुल भंडारण क्षमता के सापेक्ष पानी का स्टॉक घटकर 80 प्रतिशत से नीचे आ गया है।

अच्छी बात यह है कि मौसम विभाग ने चालू माह (जनवरी) में सामान्य औसत से अधिक वर्षा होने का अनुमान व्यक्त किया है जिससे जल स्तर कुछ बढ़ सकता है। 

देश के पश्चिमी एवं मध्यवर्ती संभाग में जल स्तर अब भी 80 प्रतिशत से ऊपर है लेकिन शेष क्षेत्रों में इससे नीचे है। उत्तरी संभाग में यह घटकर 72 प्रतिशत के आसपास रह गया है

जबकि पूर्वी क्षेत्र में 69.52 प्रतिशत एवं दक्षिणी प्रायद्वीप में 73.75 प्रतिशत पर आ गया है। इसके मुकाबले मध्यवर्ती क्षेत्र के बांधों में 80.40  पश्चिमी संभाग के जलाशयों में 86.70 प्रतिशत पानी का स्टॉक उपलब्ध है। 

वर्तमान समय में देश के आठ जलाशय पानी से पूरी तरह भरे हुए हैं जबकि अन्य 42 जलाशयों में 90 प्रतिशत से अधिक पानी मौजूद है। दूसरी ओर 13 जलाशयों में पानी का स्टॉक घटकर 40 प्रतिशत से नीचे आ गया है। अन्य बांधों में 40 से 80 प्रतिशत तक पानी का भंडार बचा हुआ है।

मौसम विभाग ने जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष सामान्य औसत से कम होने की संभावना व्यक्त की है जिससे न केवल रबी फसलों की सिंचाई में बाधा पहुंचेगी बल्कि बांधों- जलाशयों में पानी का स्टॉक भी घट जाएगा।

फरवरी से ग्रीष्मकालीन या जायद सीजन की फसलों की खेती आरंभ हो जाएगी और तब खेतों की मिटटी में नमी का पर्याप्त अंश मौजूद रहना आवश्यक है। इस वर्ष मानसून सीजन के दौरान अल नीनो के प्रकोप से वर्षा का पैटर्न प्रभावित हो सकता है।