चालू मार्केटिंग सीजन के अंत में 91 लाख टन चीनी का अधिशेष स्टॉक मौजूद रहने का अनुमान
03-Jul-2024 04:15 PM
नई दिल्ली । स्वदेशी चीनी उद्योग की शीर्ष संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर से एसोसिएशन (इस्मा) ने चालू मार्केटिंग सीजन के अंत में मिलर्स के साथ 91 लाख टन चीनी का विशाल अधिशेष स्टॉक मौजूद रहने का अनुमान लगाते हुए सरकार से अतिरिक्त चीनी का सदुपयोग करने हेतु आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।
इस्मा द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 2023-24 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के आरंभ में उद्योग के पास 56 लाख टन चीनी का पिछला बकाया स्टॉक मौजूद था जबी सीजन के दौरान 320 लाख टन का उत्पादन होने से इसकी कुल उपलब्धता बढ़कर 376 लाख टन पर पहुंच जाने की संभावना है।
इसमें से 285 लाख टन की घरेलू खपत होगी और फिर मार्केटिंग सीजन के अंत में मिलर्स के पास 91 लाख टन चीनी का विशाल अधिशेष स्टॉक बच जाएगा जो सीजन के आरंभ में उपलब्ध स्टॉक 56 लाख टन से 35 लाख टन ज्यादा है।
चीनी का यह अतिरिक्त स्टॉक मिलर्स के लिए भर बन जाएगा और उससे उसके मुद्रा प्रवाह की गति मंद पड़ जाएगी। इसे देखते हुए सरकार को इसके कुछ भाग (20 लाख टन तक) के निर्यात की अनुमति देने का विचार करना चाहिए।
इस्मा के मुताबिक घरेलू प्रभाग म चीनी का भाव एक निश्चित सीमा में स्थिर बना हुआ है जबकि आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है।
दूसरी ओर मिलों के पास 35-36 लाख टन चीनी का जो अतिरिक्त विशाल स्टॉक बचेगा वह न केवल तरलता को प्रभावित करेगा बल्कि मिलर्स का खर्च भी बढाएगा।
मानसून की अच्छी बारिश होने से 2024-25 के सीजन में गन्ना एवं चीनी का घरेलू उत्पादन और बेहतर हो सकता है। दरअसल एथनॉल निर्माण में चीनी की सीमित मात्रा के उपयोग की अनुमति दिए जाने से उत्पादन की हालत अच्छी हो गई है।
इस्मा ने सरकार से घरेलू मांग एवं आपूर्ति के समीकरण पर गम्भीरतापूवक विचार करने के बाद चीनी के अधिशेष स्टॉक के निर्यात की स्वीकृति देने का अनुरोध किया है। वैसे भी चालू मार्केटिंग सीजन के समाप्त होने में अब महज तीन माह का समय बाकी है।
