बढ़ते आयात से चना की कीमतों पर बना दबाव
29-Jan-2025 09:31 AM
बढ़ते आयात से चना की कीमतों पर बना दबाव
★ चना बाजार में कीमतों पर नीचे की ओर दबाव बना हुआ है, जिसका कारण आने वाली घरेलू फसल में वृद्धि और आयात में होने वाली बढ़ोतरी है।
★ घरेलू उत्पादन में वृद्धि: भारत में 2024-25 के सीजन में चना की बेहतर पैदावार की उम्मीद है। अनुकूल मौसम और बुवाई के रकबे में वृद्धि के कारण आपूर्ति बढ़ने से कीमतों पर दबाव बन सकता है।
★ आयात में वृद्धि: चना के आयात में भी वृद्धि होने की संभावना है, खासकर ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे देशों से। यह अतिरिक्त आपूर्ति घरेलू कीमतों को और प्रभावित कर सकती है।
★ सरकारी हस्तक्षेप: सरकार ने चना के शुल्क-मुक्त आयात की समय सीमा को मार्च 2025 तक बढ़ा दिया है। यह निर्णय बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।
★ किसानों की चिंताएं: हालांकि उपभोक्ताओं को कम कीमतों का फायदा मिल सकता है, लेकिन किसानों को लाभप्रदता कम होने के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसका असर अगले सीजन में बुवाई के निर्णयों पर भी पड़ सकता है।
