चीनी के अगले उत्पादन में अनिश्चितता बरकरार

12-Jun-2025 08:01 PM

मुम्बई। 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान चीनी के घरेलू उत्पादन में करीब 58 लाख टन की भारी गिरावट आ गई और 2025-26 सीजन के उत्पादन पर भी अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।

हालांकि एक सहकारी संगठन ने अगले सीजन में चीनी का उत्पादन बढ़कर 350 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है लेकिन अभी वास्तविक मानना कठिन है।

उल्लेखनीय है कि 2024-25 सीजन के लिए भी आरंभिक चरण में चीनी का संतोषजनक उत्पादन होने का अनुमान लगाया गया और इसके आधार पर सरकार से 10 लाख टन का निर्यात करने की अनुमति मांगी गई। जनवरी 2025 में जब इसकी अनुमति मिल गई तब उद्योग संगठनों ने चीनी के उत्पादन का अनुमान घटाना शुरू कर दिया।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार भाव नरम रहने से भारत को चीनी का निर्यात करने में भी भारी कठिनाई हो रही है। ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (आईस्टा) की रिपोर्ट के अनुसार निर्यात उद्देश्य के लिए 31 मई 2025 तक मिलों से 5.17 लाख टन चीनी की निकासी हुई जिसमें 4.10 लाख टन सफेद चीनी, 81,845 टन रिफाइंड चीनी तथा 25,382 टन कच्ची चीनी की मात्रा शामिल थी। इसके अलावा 21,000 टन कच्ची चीनी सेज (विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र) में अवस्थित रिफाइनरीज को भेजी गई जिसका विदेशों में निर्यात किया जाता है।

कुल 10 लाख टन की स्वीकृत मात्रा में से अभी तक करीब 5.50 लाख टन चीनी का ही निर्यात संभव हो पाया है जबकि 30 सितम्बर को 2024-25 का मार्केटिंग सीजन समाप्त होने तक कुल मिलाकर करीब 8 लाख टन चीनी का निर्यात हो सकता है। 

गन्ना का बिजाई क्षेत्र पिछले साल के मुकाबले इस बार महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में बढ़ने तथा उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार एवं हरियाणा में घटने की सूचना मिल रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर इसका रकबा गत वर्ष से पीछे चल रहा है जबकि अभी तक मौसम एवं मानसून भी गन्ना की फसल के लिए अनुकूल नहीं हो पाया है।

अगले एक-दो महीनों का मौसम गन्ना की फसल के लिए निर्णायक साबित हो सकता है और चीनी का उत्पादन उस पर काफी हद तक निर्भर करेगा।