चना की अगुवाई में दलहन फसलों का क्षेत्रफल 3.20 लाख हेक्टेयर बढ़ा
28-Jan-2025 07:37 PM
नई दिल्ली । उम्मीद के अनुरूप चना के बिजाई क्षेत्र में इस बार बढ़ोत्तरी हुई है क्योंकि इसका बाजार भाव काफी ऊंचा एवं आकर्षक स्तर पर चल रहा था।
दो-तीन साल पहले जो चना 5000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहा था वह अगस्त 2024 तक आते-आते उछलकर 8000 रुपए प्रति क्विंटल के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया।
हालांकि इसके बाद बाजार नरम पड़ने लगा लेकिन फिर भी इसका भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी ऊंचे स्तर पर बरकरार है। पिछले कुछ महीनों से विदेशों से भारी मात्रा में चना का आयात हो रहा है।
लेकिन मसूर एवं मटर के दाम में स्थिरता या नरमी का माहौल होने से इसकी बिजाई में ज्यादा परिवर्तन नहीं हो सका। रबी सीजन में कुलथी एवं खेसारी के साथ-साथ उड़द एवं मूंग की भी खेती होती है जबकि ये दोनों मुख्यत: खरीफ कालीन दलहन फसलें हैं।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार चालू वर्ष के दौरान 27 जनवरी तक रबी कालीन दलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 142.49 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 139.29 लाख हेक्टेयर से 3.20 लाख हेक्टेयर तथा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 140.44 लाख हेक्टेयर से 2.05 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
पिछले साल के मुकाबले चालू रबी सीजन के दौरान चना का उत्पादन क्षेत्र 95.87 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 98.55 लाख हेक्टेयर, उड़द का बिजाई क्षेत्र 5.12 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 5.60 लाख हेक्टेयर तथा मूंग का क्षेत्रफल 1.08 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.27 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
दूसरी ओर मसूर का उत्पादन क्षेत्र 17.76 लाख हेक्टेयर से घटकर 17.43 लाख हेक्टेयर, खेसारी का रकबा 3.32 लाख हेक्टेयर से गिरकर 3.12 लाख हेक्टेयर तथा मटर का बिजाई क्षेत्र 8.98 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 8.94 हेक्टेयर से गिरकर 3.12 लाख हेक्टेयर तथा मटर का बिजाई क्षेत्र 8.98 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 8.94 लाख हेक्टेयर रह गया।
कुलथी का क्षेत्रफल 3.13 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 4.45 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। अन्य रबी कालीन दलहनों का बिजाई क्षेत्र 4.04 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 4.45 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
मौसम के अनुकूल रहने पर चना का उत्पादन कुछ बढ़ सकता है जबकि अन्य दलहनों की पैदावार में ज्यादा घट-बढ़ होने की संभावना नहीं है।
