चना का बिजाई क्षेत्र 2.8 प्रतिशत बढ़कर 98.55 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
29-Jan-2025 05:32 PM
नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्तर पर 2023-24 के मुकाबले 2024-25 के रबी सीजन में दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 139.29 लाख हेक्टेयर से 2.3 प्रतिशत सुधरकर 142.49 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जिसमें चना का सर्वाधिक योगदान रहा।
रबी सीजन में इस सबसे प्रमुख दलहन का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के 95.87 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 98.55 लाख हेक्टेयर पर पर पहुंच गया और इस तरह सेहतरफल में 2.8 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। रबी फसलों की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है।
विदेशों से चना का आयात हाल के महीनों में तेजी से बढ़ा है। जनवरी से नवम्बर 2024 के दौरान देश में इसका आयात तेजी से बढ़कर 2.32 लाख टन पर पहुंच गया जो वर्ष 2023 की समान अवधि के आयात 1.19 लाख टन से 93 प्रतिशत अधिक था। इसका अधिकांश भाग ऑस्ट्रेलिया से मंगाया गया।
एक अग्रणी संस्था- इंडिया पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन (आई पी जी ए) द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी-नवम्बर 2024 के दौरान देश में ऑस्ट्रेलिया से 1.41 लाख टन, तंजानिया से 70,687 टन इथोपिया से 8837 टन, म्यांमार से 5761 टन तथा अन्य देशों से 4677 टन चना का आयात किया गया।
आई ग्रेन इंडिया के डायरेक्टर राहुल चौहान का कहना है कि निकट भविष्य में चना के दाम में नरमी का माहौल बरकरार रह सकता है क्योंकि एक तो घरेलू उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है और दूसरे, विदेशों से इसका निरंतर आयात भी हो रहा है। विशाल मात्रा में पीली मटर का हुआ आयात भी चना की मांग को प्रभावित कर रहा है।
पीली मटर को चना का एक बेहतर विकल्प माना जाता है। सरकार ने इसके शुल्क मुक्त आयात की अवधि 28 फरवरी 2025 तक तथा देसी चना के आयात की समय सीमा 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दी है। इससे आपूर्ति की निरंतरता बरकरार रहेगी।
राहुल चौहान के मुताबिक बिजाई क्षेत्र में वृद्धि एवं मौसम की अनुकूल स्थिति के कारण इस बार चना का उत्पादन बढ़ने के आसार हैं।
उधर ऑस्ट्रेलिया में 2024-25 सीजन के दौरान चना का उत्पादन 16.20 से 19 लाख टन के बीच होने का अनुमान लगाया गया है।
इसमें से 10 लाख टन से अधिक का निर्यात हो सकता है और इस अनुमानित निर्यात का 80-85 प्रतिशत भाग भारत में पहुंच सकता है। 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के शुरूआती दो महीनों में यानी अक्टूबर-नवम्बर 2024 के दौरान भारत को ऑस्ट्रेलियाई चना के निर्यात में 400 गुणा की जोरदार बढ़ोत्तरी हो गई।
नवम्बर 2023 में केवल 463 टन चना आया था जबकि नवम्बर 2024 तक यह उछलकर 3.49 लाख टन पर पहुंच गया।
