चीनी के एमएसपी में बढ़ोत्तरी का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं

01-Oct-2025 12:29 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार फिलहाल चीनी के एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य (मिनीमम सेलिंग प्राइस या एमएसपी) में बढ़ोत्तरी करने पर विचार नहीं कर रही है और न ही उसके पास इस आशय का कोई प्रस्ताव विचारधीन है।

वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार चीनी का एक्स फैक्टरी मूल्य पहले से ही ऊंचा चल रहा है इसलिए इसके एमएसपी में वृद्धि करने की आवश्यकता नहीं है।

हालांकि गन्ना के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में हुई बढ़ोत्तरी की वजह से चीनी के उत्पादन खर्च में होने वाले इजाफे को देखते हुए उद्योग चीनी का एमएसपी बढ़ाने का जोरदार आग्रह कर रहा है मगर सरकार अभी इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने गन्ना का एफआरपी 2024-25 सीजन के 340 रुपए प्रति क्विंटल से 15 रुपए या 4.4 प्रतिशत बढ़कर 2025-26 सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए 355 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया है।

पिछले साल बेहतर उत्पादन एवं ऊंचे बकाया स्टॉक के कारण चीनी के दाम में नरमी आने के बाद उद्योग ने सरकार से एमएसपी बढ़ाने की मांग की थी और इस बार भी इसका आग्रह किया जा रहा है।

लेकिन सरकार ने इसके बजाए जनवरी में उद्योग को 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दे दी और उसके बाद घरेलू बाजार भाव में काफी सुधार आ गया।

वर्ष 2024 की दूसरी छमाही के दौरान चीनी के दाम में काफी गिरावट आ गई थी और नवम्बर-दिसम्बर के दौरान महाराष्ट्र में एक्स फैक्टरी मूल्य घटकर 3500-3600 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास आ गया था।

सरकार पिछले साल जून से ही चीनी का एमएसपी बढ़ाने पर विचार कर रही थी और इसे 3550 रुपए प्रति क्विंटल नियत करने का प्रस्ताव भी रखा गया था लेकिन जब एमएसपी बढ़ गया तब इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया। 

फरवरी 2019 में अंतिम बार चीनी का एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य 2900 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 3100 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया था और उसके बाद इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।