चीनी का घरेलू उत्पादन 119 लाख टन के करीब पहुंचा
01-Jan-2026 04:56 PM
नई दिल्ली। स्वदेशी चीनी उद्योग के प्रमुख संगठन -इंडियन शुगर एंड सोया एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने जो नवीनतम आंकड़ा जारी किया है उससे पता चलता है कि चालू मार्केटिंग सीजन की पहली तिमाही में यानि अक्टूबर-दिसंबर 2025 के दौरान देश में चीनी का कुल उत्पादन बढ़कर 118.97 लाख टन पर पहुंच गया जो पिछले साल की सामान अवधि के उत्पादन 95.40 लाख टन से 23.57 लाख टन ज्यादा है।
रिपोर्ट के मुताबिक समीक्षाधीन तिमाही के दौरान चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में 32.80 लाख टन से बढ़कर 35.86 लाख टन, महाराष्ट्र में 30 लाख टन से उछलकर 48.61 लाख टन, कर्नाटक में 20.40 लाख टन से बढ़कर 22.81 लाख टन तथा गुजरात में 2.85 लाख टन से सुधरकर 2.90 लाख टन पर पहुंच गया। दूसरी ओर इसका उत्पादन तमिलनाडु में 90 हजार टन से गिरकर 7.93 लाख टन पर अटक गया। इन प्रांतो में बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश आदि शामिल है। सभी उत्पादक राज्यों में गन्ना की क्रशिंग अभी जारी है।
इस्मा की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर इस वर्ष 31 दिसंबर (2025) तक क्रियाशील चीनी मिलो की संख्या बढ़कर 504 पर पहुंच गई जो वर्ष 2024 की संख्या 492 से 12 अधिक है। कहने का यह मतलब है कि 2024-25 सीजन की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान एक दर्जन अधिक चीनी मिलो में गन्ना की क्रशिंग हो रही है।
हालांकि पिछले सीजन की तुलना में मौजूदा सीजन के दौरान क्रियाशील चीनी मिलो की संख्या उत्तरप्रदेश में 121 से घटकर 119, कर्नाटक में 76 से गिरकर 74, तथा गुजरात में 15 से गिरकर 14 पर अटक गई लेकिन महाराष्ट्र में यह 190 से बढ़कर 197 तथा तमिलनाडु में 9 से उछलकर 20 पर पहुंच गई। देश के अन्य राज्यों में क्रियाशील चीनी मिलो की संख्या 81 से गिरकर 80 रह गई। गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन की प्रक्रिया इस बार कम से कम मार्च-अप्रैल तक जारी रहने की उम्मीद है।
