चीनी का घरेलू उत्पादन 275 लाख टन से कम होने का अनुमान
03-Feb-2025 08:36 PM
नई दिल्ली । गन्ना की पैदावार कम होने तथा सुक्रोज की रिकवरी दर नीचे रहने से 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में तीन शीर्ष संगठनों ने चीनी का घरेलू उत्पादन घटकर 275 लाख टन से भी कम होने की संभावना व्यक्त की है।
इसके तहत सहकारी चीनी मिलों की शीर्ष संस्था- नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (एनएफसीएसएफ) ने 270 लाख टन, शीर्ष व्यापारिक संगठन- ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (एआईएसटीए) ने 265.20 लाख टन तथा प्राइवेट क्षेत्र की सबसे प्रमुख संस्था - इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (आईएसएमए) ने 272.70 लाख टन चीनी के उत्पादन का अनुमान लगाया है।
इसके मुकाबले 2023-24 के सीजन में 319.60 लाख टन चीनी का उत्पादन आंका गया था। इस तरह पिछले सीजन के मुकाबले चालू सीजन में चीनी का उत्पादन करीब 50 लाख टन घट सकता है।
यह गिरावट का आंकड़ा बहुत बड़ा है। हालांकि भारी-भरकम पिछला बकाया स्टॉक मौजूद रहने से चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन सीजन के अंत में अधिशेष स्टॉक घटकर 50 लाख टन से नीचे आ जाएगा जिससे अगले सीजन में कठिनाई बढ़ सकती है। केन्द्र सरकार 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति पहले ही दे चुकी है जिससे मामला कुछ जटिल हो गया है।
तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश तथा कर्नाटक में चीनी के उत्पादन में भारी गिरावट देखी जा रही है जबकि तमिलनाडु में भी उत्पादन काफी पीछे है। चीनी का घरेलू बाजार भाव ऊंचा हो गया है।
एनएफसीएसएफ के अनुसार 1 अक्टूबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चीनी का उत्पादन घटकर 165.30 लाख टन पर सिमट गया जो 2023-24 सीजन की समान अवधि के उत्पादन 187.45 लाख टन से 11.82 प्रतिशत या 22.15 लाख टन कम है।
