चीनी के घरेलू उत्पादन में 19 प्रतिशत की भारी गिरावट आने का अनुमान
12-Mar-2025 04:11 PM
मुम्बई। ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (आईस्टा) ने अपनी नई रिपोर्ट में 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान चीनी का कुल घरेलू उत्पादन घटकर 258 लाख टन पर सिमट जाने की संभावना व्यक्त की है जो पिछले अनुमान 265 लाख टन से 7.2 प्रतिशत तथा 2023-24 सीजन के उत्पादन 319 लाख टन से 19 प्रतिशत कम है।
एसोसिएशन का यह उत्पादन अनुमान इस्मा तथा एनएफसीएसएफ जैसे शीर्ष उद्योग संगठनों के अनुमानित आंकड़े से भी काफी छोटा है। एसोसिएशन ने महाराष्ट्र, तमिलनाडु एवं गुजरात में चीनी के उत्पादन अनुमान में कटौती कर दी है।
इसके तहत चीनी का उत्पादन अनुमान देश के सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- महाराष्ट्र में 83 लाख टन से घटाकर 80 लाख टन एवं तमिलनाडु में 10 लाख टन से घटाकर 6 लाख टन नियत किया गया है।
इस तरह वहां क्रमश: 3 लाख टन एवं 4 लाख टन की कटौती की गई है। आईस्टा के इस दूसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान का आंकड़ा काफी छोटा है और इससे चीनी की मांग एवं आपूर्ति का संतुलन बिगड़ने की आशंका है।
एसोसिएशन ने पहले 2024-25 के सीजन में एथनॉल निर्माण में 40 लाख टन चीनी के समतुल्य गन्ना का उपयोग होने का अनुमान लगाया था मगर अब उसे भी 2 लाख टन घटाकर 38 लाख टन नियत कर दिया है। इससे एथनॉल का उत्पादन भी पूर्व अनुमान से कम हो सकता है।
आईस्टा के अनुसार चालू मार्केटिंग सीजन के आरंभ में उद्योग के पास 79.80 लाख टन चीनी का स्टॉक बचा हुआ था जबकि 258 लाख टन के उत्पादन के साथ इसकी कुल उपलब्धता 337.80 लाख टन पर पहुंचेगी।
इसमें से 290 लाख टन का घरेलू उपयोग एवं 10 लाख टन का निर्यात होगा और मार्केटिंग सीजन के अंत में महज 37.80 लाख टन का अधिशेष स्टॉक बढ़ जाएगा जो सिर्फ डेढ़ माह की घरेलू खपत के समतुल्य है।
लम्बे समय के बाद यह पहला अवसर होगा जब सीजन की समाप्ति पर चीनी का स्टॉक घटकर 40 लाख टन से भी नीचे आ जाएगा।
