चीनी की मांग एवं आपूर्ति का समीकरण संतुलित रहने की संभावना

06-Jun-2025 05:11 PM

नई दिल्ली। वर्तमान मार्केटिंग सीजन में चीनी की घरेलू मांग एवं आपूर्ति के बीच काफी हद तक संतुलन बना हुआ है और अगले कुछ महीनों तक यह स्थिति बरकरार रहने की संभावना है लेकिन इतना अवश्य है कि चीनी के बकाया अधिशेष स्टॉक में भारी गिरावट आ जाएगी और यह 2023-24 सीजन की समाप्ति पर मौजूद स्टॉक 80 लाख टन से घटकर 2024-25 सीजन के अंत में 54 लाख टन या उससे भी नीचे रह जाएगा।  

अक्टूबर 2025 में गन्ना क्रशिंग का नया मार्केटिंग सीजन औपचारिक तौर पर आरंभ हो जाएगा जो सितम्बर 2026 तक कायम रहेगा। उस सीजन के दौरान चीनी के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होगी और तब चीनी की मांग एवं आपूर्ति का समीकरण बेहतर हो जाएगा। इस्मा के अनुसार चालू वर्ष में चीनी का घरेलू उत्पादन 2023-24 सीजन के 319 लाख टन से 55 लाख टन घटकर 264 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान है लेकिन विशाल पिछला अधिशेष स्टॉक और कम खपत के कारण चीनी का कोई संकट उत्पन्न नहीं होगा। सरकार द्वारा नियमित रूप से फ्री सेल मासिक कोटा आवंटित किया जा रहा है जिसकी डिलीवरी होने में मिलर्स को कोई परेशानी नहीं हो रही है। 

इस बार गन्ना के बिजाई क्षेत्र में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है जबकि मानसून की अच्छी वर्षा का उसे मजबूत सहारा भी मिलने की उम्मीद है। इससे गन्ना की पैदावार बढ़ेगी और चीनी मिलों को अधिक मात्रा में कच्चा माल प्राप्त होगा। केन्द्र सरकार गन्ना के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में पहले ही 15 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा कर चुकी है। गन्ना की खेती के प्रति किसानों का उत्साह एवं आकर्षण बरकरार है। 2025- 26 के मार्केटिंग सीजन में चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति और भी सुगम रह सकती है।