चीनी का निर्यात धीरे-धीरे पकड़ रहा है जोर
05-Jan-2026 08:19 PM
मुम्बई। केन्द्र सरकार द्वारा नवम्बर में 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी गई थी। शुरूआती दौर में इसके सौदों की संख्या कम तथा शिपमेंट की गति धीमी थी लेकिन अब धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ने लगी है। वैसे चीनी की कीमतों को लेकर समस्या और चिंता बरकरार है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सफेद चीनी का भाव काफी नीचे है और इसलिए भारतीय निर्यातकों को ऊंचा लाभांश प्राप्त नहीं हो रहा है।
इस्मा के महानिदेशक के अनुसार वर्तमान समय में सफेद चीनी का फ्री ऑन बोर्ड औसत इकाई निर्यात ऑफर मूल्य 446-448 डॉलर प्रति टन चल रहा है।
इस मूल्य स्तर पर भारतीय निर्यातकों को 'पड़ता' नहीं बैठ रहा है क्योंकि भारत की चीनी का दाम वैश्विक बाजार भाव से ऊंचा है। ध्यान देने की बात है कि हाल के महीनों में चीनी के एक्स फैक्टरी बिक्री मूल्य में काफी गिरावट आई है और अमरीकी डॉलर की तुलना में भारतीय समय की विनिमय दर भी बहुत नीचे आ गई है।
इसलिए भारत को चीनी का निर्यात करने में सफलता मिल रही है। लन्दन एक्सचेंज में सफेद चीनी का वायदा मूल्य घटकर 426 डॉलर प्रति टन के निचले स्तर पर आ गया है।
ब्राजील में चीनी के उत्पादन का सीजन लगभग समाप्त हो गया है इसलिए अगले दो-तीन महीनों तक वहां से इसके शिपमेंट की गति सुस्त रहेगी।
भारतीय निर्यातक 1.50-2.00 लाख टन चीनी का निर्यात अनुबंध कर चुके हैं जिसमें से 50-60 हजार टन का वास्तविक शिपमेंट भी हो चुका है।
