चना के साथ-साथ मसूर एवं मटर का रकबा भी गत वर्ष से आगे

11-Nov-2025 06:12 PM

नई दिल्ली। पिछले साल की तुलना में मौजूदा रबी सीजन के दौरान दलहन फसलों के उत्पादन क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। बिजाई सीजन की अभी शुरुआत है जबकि आगे इसकी रफ्तार तेज हो सकती है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन में 7 नवम्बर 2025 तक घरेलू प्रभाग में दलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 36.83 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया

जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 30.43 लाख हेक्टेयर से 6.40 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। इसके तहत खासकर चना के क्षेत्रफल में सर्वाधिक बढ़ोत्तरी हुई है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में वर्तमान रबी सीजन के दौरान चना का उत्पादन क्षेत्र 20.51 लाख हेक्टेयर से उछलकर 26.81 लाख हेक्टेयर, मसूर का बिजाई क्षेत्र 4.13 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 4.38 लाख हेक्टेयर,

मटर का क्षेत्रफल 2.51 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.38 लाख हेक्टेयर तथा कुलथी का रकबा 75 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 82 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा मगर उड़द का बिजाई क्षेत्र 97 हजार हेक्टेयर से गिरकर 53 हजार हेक्टेयर रह गया।

मूंग की बिजाई अभी शुरू ही हुई है जबकि अन्य दलहनों का क्षेत्रफल 74 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 68 हजार हेक्टेयर पर अटक गया। 

केन्द्र सरकार द्वारा चना एवं मसूर के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में अच्छी बढ़ोत्तरी किए जाने तथा पीली मटर पर 30 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाने और खेतों की मिटटी में नमी का पर्याप्त अंश मौजूद रहने से प्रमुख उत्पादक राज्यों में किसानों को दलहनों का बिजाई क्षेत्र बढ़ाने का अच्छा प्रोत्साहन मिल रहा हैा

वर्तमान रबी सीजन के लिए दलहनों का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 140.42 लाख हेक्टेयर निर्धारित हुआ है जिसमें चना के लिए 101 लाख हेक्टेयर, मसूर के लिए 15.13 लाख हेक्टेयर, मटर के लिए 6.50 लाख हेक्टेयर, कुलथी के लिए 1.98 लाख हेक्टेयर, उड़द के लिए 6.16 लाख हेक्टेयर एवं मूंग के लिए 1.41 लाख हेक्टेयर का औसत क्षेत्रफल शामिल है।