चीनी का उत्पादन 14 प्रतिशत बढ़कर 225.30 लाख टन पर पहुंचा

16-Feb-2026 10:54 AM

नई दिल्ली। गन्ना की अधिक मात्रा की क्रशिंग होने तथा औसत रिकवरी दर ऊंची रहने से चीनी के उत्पादन में सुधार का सिलसिला जारी है। सहकारी चीनी मिलों के शीर्ष संगठन- नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 1 अक्टूबर 2025 से 15 फरवरी 2026 की अवधि के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन बढ़कर 225.30 लाख टन पर पहुंच गया जो 2024-25 के मार्केटिंग   सीजन की इसी अवधि के उत्पादन 197.80 लाख टन से 27.50 लाख टन या 13.90 प्रतिशत अधिक है। गन्ना जोरदार क्रशिंग अभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में जारी है। 

फेडरेशन के आंकड़ों के मुताबिक समीक्षाधीन अवधि के दौरान चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में 63.25 लाख टन से सुधरकर 65.60 लाख टन, महाराष्ट्र में 68.10 लाख टन से उछलकर 89.90 लाख टन तथा कर्नाटक में 37.20 लाख टन से बढ़कर 41.70 लाख टन पर पहुंच गया।

इसके फलस्वरूप चीनी के कुल घरेलू उत्पादन में इन तीन शीर्ष उत्पादक राज्यों की भागीदारी पिछले सीजन के 85.21 प्रतिशत से सुधरकर इस बार 87.48 प्रतिशत पर पहुंच गई। इन राज्यों में गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर भी बेहतर रही। 

फेडरेशन के अनुसार इसके अलावा देश के अन्य महत्वपूर्ण उत्पादक राज्यों में भी चीनी का संतोषजनक उत्पादन हो रहा है। 1 अक्टूबर 2025 से 15 फरवरी 2026 के दौरान गुजरात में 5.40 लाख टन, आंध्र प्रदेश में 50 हजार टन, बिहार में 4.84 लाख टन,

हरियाणा में 3.15 लाख टन, मध्य प्रदेश में 3.60 लाख टन, पंजाब में 3.05 लाख टन, तमिलनाडु में 2.70 लाख टन, तेलंगाना में 1.75 लाख टन, उत्तराखंड में 2.40 लाख टन तथा देश के अन्य राज्यों में 80 हजार टन चीनी का उत्पादन हुआ। कुछ प्रांतों में चीनी का उत्पादन गत सीजन से पीछे चल रहा है जबकि बाकी राज्यों में उत्पादन की स्थिति बेहतर है।