चीनी का वास्तविक निर्यात 6-7 लाख टन पर अटकने की संभावना
24-Apr-2025 08:08 PM
नई दिल्ली। हालांकि केन्द्र सरकार ने 2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान शिपमेंट के लिए 10 लाख टन चीनी का निर्यात कोटा निर्धारित किया है लेकिन एक उद्योग समीक्षक का कहना है कि चीनी का वास्तविक निर्यात 6-7 लाख टन से ज्यादा होना मुश्किल है।
भारत ब्राजील के बाद दुनिया में चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने आंकड़ों का हवाला देतेहुए सरकार से 10 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति देने का आग्रह किया था जिसे मंजूर कर लिया गया और 20 जनवरी 2025 को इसकी घोषणा भी कर दी गई।
दिलचस्प तथ्य यह है कि निर्यात कोटा घोषित होने के बाद उद्योग-व्यापार क्षेत्र के संघों-संगठनों ने 2024-25 सीजन के लिए चीनी के उत्पादन का अनुमान घटाना शुरू कर दिया जिससे इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता में जटिलता पैदा होने की आशंका बढ़ने लगी।
जेनेवा में आयोजित एस एंड पी ग्लोबल शुगर कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए इस्मा के एक सदस्य ने कहा कि 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में भारत से 6-7 लाख टन चीनी का निर्यात होने की उम्मीद है।
भारत में चीनी के उद्योग एवं व्यापार पर सरकार का सख्त नियंत्रण है और सरकार ही गन्ना के एफआरपी का निर्धारण करती है। मिलों के लिए इसी मूल्य स्तर पर किसानों से गन्ना खरीदना अनिवार्य होता है।
इसी तरह सरकार प्रत्येक माह घरेलू बाजार में बेचने के लिए चीनी का एक निश्चित कोटा भी घोषित करती है और मिलर्स को इस कोटे से कम या अधिक मात्रा में चीनी की अनुमति नहीं होती है।
पिछले सीजन की तुलना में 2024-25 के मार्केटिंग सीजन के दौरान भारत में चीनी का उत्पादन 50-60 लाख टन घटने की संभावना है। चीनी का घरेलू बाजार भाव ऊंचा चल रहा है जिससे इसके निर्यात में कठिनाई हो रही है।
विदेशी आयातक काफी सोच-विचार के बाद ही भारतीय चीनी के आयात का अनुबंध कर रहे हैं। आगे भी इसका सौदा धीमी गति से होने की संभावना है।
