चीनी का वैश्विक उत्पादन इसकी खपत से 25 लाख टन कम होने का अनुमान
22-Nov-2024 04:50 PM
लंदन । अंतर्राष्ट्रीय चीनी संगठन (इंटरनेशनल शुगर ऑर्गेनाइजेशन या आई एस ओ) ने एक बार फिर चीनी का वैश्विक उत्पादन इसके कुल उपयोग से काफी कम होने का अनुमान लगाया है जिससे इसके वैश्विक बकाया स्टॉक में कमी आ जाएगी।
संगठन के अनुसार 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी का कुल वैश्विक उत्पादन घटकर 1790.69 लाख टन पर सिमट जाने की संभावना है जो इसके सकल अनुमानित वैश्विक उपयोग 1815.82 लाख टन से 25.13 लाख टन कम है।
इस अंतर को पूरा करने के लिए पिछले बकाया स्टॉक का उपयोग करना पड़ेगा जिससे उसमें स्वाभाविक रूप से कमी आ जाएगी।
इस समीकरण के आलोक में आई एस ओ ने निर्यात उद्देश्य के लिए चीनी की सकल उपलब्धता घटकर 631.27 लाख टन पर सिमट जाने की संभावना जताई है जो कुल अनुमानित आयात की मांग 644.09 लाख टन से करीब 13 लाख टन कम है।
आयात की जरूरत को पूरा करने में इतनी मात्रा की अतिरिक्त चीनी का उपयोग करना पड़ेगा 2023-24 के मार्केटिंग सीजन में चीनी का वैश्विक व्यापार बढ़कर 690 लाख टन से ऊपर पहुंच गया जो एक नया रिकॉर्ड है।
उपरोक्त आंकड़ों के अध्ययन-विश्लेषण से ज्ञात होता है कि 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में विश्व स्तर पर चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल बनी रहेगी और इसलिए इसकी कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल बरकरार रह सकता है। मांग-आपूर्ति के बीच असंतुलन बनने से भाव ऊंचा रह सकता है।
पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान ब्राजील, भारत एवं थाईलैंड में चीनी का उत्पादन कम होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि ब्राजील तथा थाईलैंड दुनिया के दो सबसे प्रमुख निर्यातक देश हैं जबकि चीनी के वैश्विक उत्पादन में ब्राजील पहले और भारत दूसरे नम्बर पर है।
इसके अलावा यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, चीन तथा मैक्सिको सहित कई अन्य देशों में भी चीनी का अच्छा उत्पादन होता है। भारत में गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन का सीजन पहले ही आरंभ हो चुका है।
