चीनी के वैश्विक वायदा मूल्य में सीमित उतार-चढ़ाव

31-Dec-2025 12:53 PM

न्यूयार्क। चीनी के वैश्विक वायदा मूल्य में सीमित उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। कभी किसी कारण से इसमें तेजी आ जाती है तो कभी अन्य कारणों से दाम गिर  जाता है। एक अग्रणी विश्लेषक फर्म ने पिछले सप्ताह जारी अपनी रिपोर्ट में लैटिन अमरीकी देश- ब्राजील में चीनी का उत्पादन 2025-26 सीजन के 435 लाख टन से 3.91 प्रतिशत घटकर 2026-27 के सीजन में 418 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान व्यक्त किया है।

इसी तरह ब्राजील से चीनी का निर्यात भी 11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 300 लाख टन रह जाने की संभावना जताई है। उल्लेखनीय है कि ब्राजील दुनिया में चीनी का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है। 

विश्लेषक फर्म की रिपोर्ट जारी होने के बाद चीनी के वैश्विक वायदा मूल्य में अच्छी तेजी आई थी लेकिन कारोबार कमजोर रहने से कीमतों में पुनः नरमी आने लगी।

इससे पूर्व जब भारत में चीनी का निर्यात कोटा बढ़ाए जाने की चर्चा हो रही थी तब भी कीमतों पर काफी दबाव पड़ा था मगर विश्लेषक फर्म की रिपोर्ट के बाद न केवल यह दबाव दूर हो गया बल्कि चीनी का वायदा मूल्य भी उछलकर गत सवा दो माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। 

भारत सरकार 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति नवम्बर में ही दे चुकी है। दिसम्बर में केन्द्रीय खाद्य सचिव ने संकेत दिया था कि भारी उत्पादन होने पर यदि घरेलू प्रभाग में चीनी का विशाल स्टॉक बनने की संभावना नजर आई तो इसका अतिरिक्त निर्यात कोटा जारी करने पर विचार किया जा सकता है। 

शीर्ष उद्योग संगठन-इस्मा ने 11 नवम्बर को जारी अपनी रिपोर्ट में चीनी का घरेलू उत्पादन करीब 19 प्रतिशत उछलकर 2025-26 के सीजन में 310 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया था

जो इसकी मांग एवं खपत से काफी अधिक है। इससे चीनी की कीमतों पर दबाव पड़ने लगा है और इसका एक्स फैक्टरी बिक्री मूल्य घटकर लागत खर्च से काफी नीचे आ गया है।