चीन में कनाडाई मटर पर 100 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू होने से रूस को फायदा
20-Mar-2025 01:20 PM
सस्काटून। चीन कनाडाई मटर का परम्परागत तौर पर एक प्रमुख स्थायी आयातक है लेकिन अब वहां इसका आयात सुस्त पड़ने या बंद होने का खतरा पैदा हो गया है।
चीन की सरकार ने पहले ही कहा था कि 20 मार्च 2025 से कनाडाई मटर पर 100 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू हो जाएगा।
हालांकि भारत में पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा 31 मई 2025 तक बढ़ा दी गई है लेकिन उससे आगे इसका विस्तार होने में संदेह है क्योंकि घरेलू प्रभाग में विभिन्न दलहनों का भाव घटकर काफी नीचे आ गया है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार कनाडाई मटर पर 100 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू होने से चीन में रूस सहित अन्य देशों से इसका आयात बढ़ेगा,कनाडा में मटर की बिजाई प्रभावित हो सकती है और चीन में सीड क्लीनिंग प्लांटों में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
चीन की नई शुल्क नीति का सबसे ज्यादा फायदा रूस को मिलेगा। चीन के मटर बाजार में रूस की भागीदारी पहले से ही बढ़ रही है।
वर्ष 2022 के अंतिम महीनों में रूस को चीन में मटर के निर्यात की अनुमति मिली थी और दो वर्षों के अंदर ही वह कनाडा के समक्ष पहुंच गया।
2023-24 के सीजन में तो रूस कनाडा से भी आगे निकलर चीन को मटर की सर्वाधिक आपूर्ति करने वाला देश बन गया। उस सीजन में चीन ने कनाडा से करीब 9.56 लाख टन तथा रूस से 10.90 लाख टन मटर का आयात किया था।
रूसी मटर की क्वालिटी अपेक्षाकृत कमजोर होती है इसलिए इसका दाम नीचे रहता है और चीन में पशु आहार निर्माण में इसका भारी मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है।
कनाडा की उच्च क्वालिटी की मटर का उपयोग वहां मानवीय खाद्य उद्देश्य में किया जाता है। 100 प्रतिशत आयात शुल्क की घोषणा होने से पूर्व ही अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) ने कहा था कि चीन में रूसी मटर का निर्यात निरन्तर बढ़ता रहेगा क्योंकि कनाडाई उत्पाद के प्रति वहां आकर्षक घट रहा है।
रूस को अनेक फायदे पहले से ही मिल रहे हैं। एक तो रूस की मटर सस्ती होती है और दूसरे, चीन तक उसे पहुंचाने में समय भी कम लगता है।
इसके अलावा वहां डॉलर के बजाए रेनमिंबी (चीन की मुद्रा) में कारोबार हो सकता है जिससे चीन के खरीदारों को अमरीकी डॉलर के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा।
हालांकि चीन में रूस से मटर के आयात की गति कुछ धीमी पड़ गई है लेकिन आगामी महीनों में इसकी रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है।
