चीन में कनाडियन मटर स्टार्च के लिए एंटी डम्पिंग जांच शुरू
13-Aug-2025 03:56 PM
शंघाई। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कनाडा से आयातित मटर स्टार्च के बारे में एंटी डम्पिंग जांच-पड़ताल आरंभ कर दिया है। मंत्रालय के मुताबिक यह जांच एक साल तक जारी रह सकती है और यदि आवश्यकता पड़ी तो इसकी अवधि को और छह माह के लिए बढ़ाया जा सकता है।
इससे पूर्व चीन की सरकार ने कनाडा से कैनोला के आयात पर एंटी डम्पिंग शुल्क लगाने की घोषणा की थी। उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के बीच पिछले करीब एक साल से व्यापारिक विवाद चल रहा है जो अब और गंभीर होता जा रहा है।
पिछले साल अगस्त में जब कनाडा ने चीन के इलेक्ट्रिक वाहनों के आयात पर सीमा शुल्क लगाने का निर्णय लिया था तभी से दोनों देशों के बीच विवाद आरंभ हो गया था। बाद में बदले की कार्रवाई करते हुए चीन ने कनाडा से मटर तथा कैनोला उत्पादों के आयात पर भारी-भरकम सीमा शुल्क लगा दिया।
उल्लेखनीय है कि चीन कनाडाई मटर एवं कैनोला उत्पादों का एक अग्रणी आयातक देश है जहां मार्च 2025 में मटर पर 100 प्रतिशत का भारी-भरकम आयात शुल्क लगा दिया गया था।
अब वहां कनाडा में मटर से निर्मित स्टार्च के आयात पर बंदिश लगाने का प्रयास किया जा रहा है। एंटी डम्पिंग शुल्क का मतलब यह होता है कि जब किसी देश में किसी खास देश से किसी विशेष वस्तु का आयात जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है तब उसे नियंत्रित करने के लिए आयातक देश में सामान्य सीमा शुल्क से अतिरिक्त शुल्क लगा दिया जाता है।
कनाडा दुनिया में मटर का एक अग्रणी उत्पादक एवं निर्यातक देश है और इसका निर्यात भारत तथा चीन सहित अनेक देशों को करता है।
भारत में आयात की जरूरत है इसलिए पीली मटर को सीमा शुल्क के दायरे से बाहर रखा गया है। मटर की आवश्यकता तो चीन को भी है मगर वह इसके आयात के लिए रूस पर निर्भरता बढ़ा रहा है और कनाडा से मटर एवं मटर स्टार्च का आयात सीमित रखना चाहता है।
