चीन सरकार द्वारा यूसीओ पर निर्यात टैक्स में छूट को समाप्त करने का निर्णय
22-Nov-2024 06:46 PM
शंघाई । चीन सरकार ने यूज्ड कूकिंग ऑयल (यूसीओ) के निर्यात पर टैक्स में छूट को समाप्त करने का निर्णय लिया है जो 1 दिसम्बर 2024 से प्रभावी होने वाला है।
इससे जहां एक ओर कारोबारी प्रवाह में संकुचन पैदा होगा और अनुबंधों के टूटने का खतरा रहेगा वहां दूसरी तरफ विश्व स्तर पर दीर्घकाल में जैव ईंधन निर्माताओं के लिए कच्चे माल का खर्च भी बढ़ जाएगा।
इसके फलस्वरूप चीन में यूसीओ पर आधारित (या इससे निर्मित) जैव ईंधन की प्रतिस्पर्धी क्षमता में इजाफा होगा और इसका निर्यात बढ़ाना आसान हो जाएगा।
चाइनीज सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण जिंसों के लिए निर्यात शुल्क में छूट के अपने नियमों में भारी बदलाव करने की घोषणा की है जिससे वैश्विक बाजार को गहरा धक्का लगा है।
विदेशी खरीदारों को इससे नुकसान होने की आशंका है क्योंकि उसे अब चीन से ऊंचे दाम पर यूज्ड कूकिंग ऑयल सहित कुछ अन्य जिंसों का आयात करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
गत 15 नवम्बर को चीन के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि अगले महीने (दिसम्बर) से कैमिकली मोडिफाइड एनीमल, प्लांट या माइक्रोबियक तेलों एवं वसाओं पर निर्यात शुल्क में जारी 13 प्रतिशत की छूट को समाप्त कर दी जाएगी। 1 दिसम्बर 2024 से यह निर्णय अनिश्चित काल के लिए प्रभावी हो जाएगा।
इस निर्णय का मुख्य निशाना यूज्ड कूकिंग ऑयल है जिसके निर्यात को चीन नियंत्रित करना चाहता है ताकि स्वदेशी जैव ईंधन निर्माताओं को समुचित मात्रा में तथा उचित मूल्य पर कच्चा माल हासिल हो सके।
उल्लेखनीय है कि चीन दुनिया में यूज्ड कूकिंग ऑयल से निर्मित बायोडीजल का सबसे प्रमुख निर्यातक देश और यूज्ड कूकिंग ऑयल की आपूर्ति करने में भी सबसे आगे है।
वर्ष 2023 में अमरीका उसके यूसीओ का सबसे बड़ा खरीदार रहा जबकि यूरोपीय संघ यूसीओ से निर्मित बायोडीजल के आयात में सबसे आगे रहा।
चीन में निर्यात शुल्क में छूट को समाप्त करने की घोषणा होने के बाद उत्तरी एशिया में यूसीओ का दाम 100 डॉलर की बढ़ोत्तरी के साथ 1000 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया। अमरीका में निर्यात के लिए भी दाम में 45 डॉलर की वृद्धि हो गई।
