चना, तुवर एवं उड़द के मूल्य में मिश्रित रुख रहने की सम्भावना

23-Jun-2026 03:36 PM

मुंबई। एक अग्रणी व्यापारिक संगठन - इंडियन पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन (आईपीजीए) ने अगले कुछ दिनों तक चना, तुवर एवं उड़द के दाम में मिश्रित रुख रहने की सम्भावना व्यक्त की है। इसके तहत नियमित आपूर्ति एवं कमजोर मांग के कारण तुवर का भाव स्थिर या कुछ नरम रहने का अनुमान लगाया गया है जबकि चना की कीमत सीमित उतार-चढ़ाव के साथ एक निश्चित दायरे में स्थिर रह सकती है। इसके विपरीत उड़द का दाम मजबूत या ऊंचा रहने की उम्मीद है।

चना में मिलर्स/प्रोसेसर्स की सीमित मांग देखी जा रही है क्योंकि इसकी दाल एवं बेसन की खपत ज्यादा नहीं हो रही है। केंद्रीय बफर स्टॉक में चना का विशाल भण्डार मौजूदा है और नैफेड तथा एनसीसीएफ जैसे सरकारी एजेंसियां नियमित रूप से इसकी नीलामी बिक्री भी कर रही है। इससे आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है। चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5875 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है जबकि थोक मंडी भाव इसके आसपास ही चल रहा है।

तुवर में भी मांग कमजोर देखी जा रही है जबकि इसकी आपूर्ति सामान्य है। विदेशों से आयात जारी है। फ़िलहाल इसमें भारी तेजी की उम्मीद नहीं है। तुवर का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष से 2 हजार हेक्टेयर आगे निकल गया है और अब मानसून भी प्रगति पर है।

जहां तक उड़द का सवाल है तो इसमें अच्छी मांग देखी जा रही है। दाल मिलर्स और व्यापारी इसकी खरीद में दिलचस्पी दिखा रहे हैं जबकि ग्रीष्मकालीन (जायद सीजन) माल की आवक अपेक्षाकृत कम हो रही है। इसके फलस्वरूप उड़द की कीमत मजबूत बनी हुई है। उधर निर्यातक देशों - म्यांमार तथा ब्राजील में भी दाम बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

विदेशों से देसी चना एवं पीली मटर का आयात कम हो रहा है। शीर्ष निर्यातक देश - ऑस्ट्रेलिया में स्टॉक कम है और अगला उत्पादन भी काफी घटने की सम्भावना है। इसका 'आयात पड़ता' भी नहीं बैठ रहा है। अगस्त से आरम्भ होने वाले त्यौहारी सीजन में चना उत्पादों की मांग एवं खपत बढ़ने की सम्भावना है।