प्रमुख उत्पादक क्षेत्रो में बारिश की कमी से सोयाबीन की बिजाई पीछे
23-Jun-2026 05:17 PM
इंदौर। यद्यपि सरकारी समर्थन मूल्य के मुकाबले थोक मंडी भाव काफी ऊंचा होने से सोयाबीन की खेती में इस वर्ष किसानो का उत्साह एवं आकर्षण बिजाई में अच्छी वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है लेकिन फ़िलहाल तीनो शीर्ष उत्पादक प्रांतो में-मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में मानसूनी वर्षा का भारी आभाव होने से किसानो को बिजाई की रफ्तार बढ़ाने का अवसर नहीं मिल रहा है आगे इसकी गति तेज हो सकती है।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार चालू खरीफ सीजन में 19 जून 2026 तक सोयाबीन का कुल उत्पादन क्षेत्र 1.30 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो पिछले साल की इस तिथि की बिजाई क्षेत्र 2.5 लाख हेक्टेयर से 1.20 लाख हेक्टेयर कम है महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रो में अरहर उत्पादक किसान मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे है यदि अगले 10-15 दिन में वहां जोरदार बारिश नहीं हुई तो अरहर (तुवर) को छोड़कर किसान सोयाबीन की तरफ मुड सकते है कही-कही मक्का का क्षेत्रफल भी बढ़ सकता है।
अन्य खरीफकलिन तिलहन फसलों में मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 5.09 लाख हेक्टेयर से 5.25 लाख हेक्टेयर तथा सूरजमुखी का बिजाई क्षेत्र 27 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 49 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया लेकिन तिल का रकबा 19 हजार हेक्टेयर से गिरकर 15 हजार हेक्टेयर रह गया।
